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सख्ती:एंबुलेंस में लगेंगे पैनिक बटन, जीपीएस से पुलिस और परिवहन विभाग रखेगा नजर

बाड़मेर13 दिन पहले
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परिवहन विभाग की ओर से एंबुलेंसाें पर निगरानी रखने के लिए व्हीकल लाेकेशन ट्रेकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। परिवहन विभाग ने यह निर्णय एंबुलेंस वाहन चालकों द्वारा निर्धारित किराये से अधिक राशि वसूलने, छोटे रूट के बजाय लंबे रूट से वाहन ले जाने, मरीजों के साथ अप्रिय घटना, आपराधिक कृत्य जैसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए लिया है।

सभी एंबुलेंसधारकों को अपने वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम (जीपीएस डिवाइस) लगाना अनिवार्य हाेगा। सभी प्रादेशिक एवं जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पंजीकृत एंबुलेंस वाहनों में 30 दिन में जीपीएस लगवाने हाेंगे। इसमें वाहनों में उसी के निर्माता द्वारा विशेष रूप से अनुमोदित एआईएस 140 मानक का डिवाइस स्थापित किया जाना है।

एंबुलेंस वाहनों में पैनिक बटन भी होगा, जिसके जरिए सूचना पुलिस और परिवहन विभाग तक पहुंचेगी। यह लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से जोड़ा जा रहा है। वाहन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेटेड एवं नेटवर्किंग करते हुए परिवहन मुख्यालय जयपुर स्तर पर से मॉनिटरिंग की जाएगी।

कोरोना महामारी में मरीजों और परिजनों के लिए यह प्रयोग कारगर साबित होगा। केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 125 (एच) में सार्वजनिक सेवा यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगाने के प्रावधान किए गए हैं। एंबुलेंस वाहनों को परिवहन यान की श्रेणी में रखा गया है, जिससे नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण हैं।

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