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  • Police Caught Two Suspects Running A Copying Gang, In Search Of Homes 9.50 Cash, Check Book, Credit Card, Admit Cards Of Candidates Appearing In REET Exam

REET में नकल कराने की तैयारी में थे सरकारी टीचर:घरों की तलाशी में 9.50 लाख नकद मिले, चेक, क्रेडिट कार्ड, अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद, दो टीचर गिरफ्तार

बाड़मेरएक वर्ष पहले

प्रदेश में 26 सितंबर को REET परीक्षा होनी है। इससे एक दिन पहले बाड़मेर पुलिस ने REET में नकल कराने की योजना बनाने वाले दो संदिग्ध सरकारी टीचर को पकड़ा है। सरकारी टीचर्स के पास से 9.50 लाख रुपए कैश, चेक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड और REET अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी मिले हैं। पुलिस अब इन दो संदिग्ध लोगों के आधार पर पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। इस गिरोह में बाड़मेर सहित प्रदेश के कई शहरों के लोग शामिल हो सकते हैं।

बाड़मेर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बालोतरा मेगा हाईवे पर मूंगड़ा सर्किल के पास एक मकान में REET में नकल कराने के लिए योजना बनाई जा रही है। इस पर एसपी ने बालोतरा एएसपी नीतेश आर्य, डीएसपी धनफूल मीणा के नेतृत्व में बालोतरा थाने से टीम बनाई। देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध सरकारी टीचर रमेश विश्नोई और सुरेश को पकड़ा। इनसे पूछताछ में सामने आया कि यह REET में नकल करवाने की योजना बना रहे थे। परीक्षा में डमी स्टूडेंट बैठाने के साथ-साथ अभ्यर्थी से रुपए लेकर उसे पास कराने की गारंटी भी दी है। इन दो के साथ 8-10 अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की है।

पूरे राजस्थान में फैला है नेटवर्क
एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने बालोतरा शहर में दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा है। इनके पास लाखों रुपए की नकदी, चेक, क्रेडिट व डेबिट कार्ड, REET में बैठने वाले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी मिले हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह बहुत बड़ा नकल रैकेट चलाते हैं। अब तक 10-12 नाम सामने आ चुके हैं। इससे ज्यादा भी नाम हो सकते हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी भी हैं। REET से पहले भी प्रतियोगी एग्जाम में भी इन लोगों ने धांधली की है। इनका नेटवर्क पूरे राजस्थान में फैला हुआ है। इनको पकड़ने के लिए संबंधित एसपी और एसएचओ को बता दिया है, जो जिला स्तर पर टीमें बनाकर इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ने की कार्रवाई कर रहे हैं।

चार घंटे पहले आउट होना था पेपर
आरोपी रमेश विश्नोई ने 5 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपए लिए थे। वहीं उन्हें परीक्षा से चार घंटे पहले पेपर सॉल्व करवाकर देने को कहा गया था। नकल गिरोह में शामिल आरोपियों की परीक्षा में पहले पेपर आउट करवाकर उसे एक्सपर्ट से सॉल्व करवाने की योजना थी। इसके बाद अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ा कर परीक्षा से पहले सेंटर तक छोड़ आते हैं। आरोपी रमेश विश्नोई के घर से कई बैंक खातों की डायरियां, चेक और पासबुक मिली हैं।

एक दशक से गिरोह सक्रिय
जानकारी के मुताबिक दोनों आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर आउट, डमी परीक्षार्थी को बैठाने का गिरोह चला रहे हैं। यह करीब 10 साल से अधिक समय से गिरोह के रूप में बड़ी राशि वसूलकर परीक्षाएं पास करवाते हैं। इस गिरोह में करीब दो दर्जन से ज्यादा सरकारी कर्मचारी है, जो खुद भी दूसरे परीक्षार्थी की जगह पर एसआई सहित अन्य परीक्षाओं में बैठ चुके हैं। बड़े गिरोह के सामने के बाद पूरे प्रदेश में पुलिस अलर्ट हो गई है। आरोपियों की पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

घर के सर्च में मिले 9.50 लाख रुपए नकद
एसपी आनंद शर्मा ने बताया कि दो संदिग्ध लोगों के घरों में दबिश देकर सर्च किया गया। इस दौरान घर से 9.50 लाख रुपए कैश मिले। इसको लेकर आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके अलावा बैंक के डॉक्यूमेंट, क्रेडिट कार्ड और चेक बुक मिली। इसके अलावा REET में शामिल होने वाले बहुत सारे अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी मिली है। बहुत से लोगों के फोटो मिले हैं। 2 लोगों के फोटो को मिक्स किया हुआ था। इससे यह प्रतीत हुआ कि योजनाबद्ध तरीके से गैंग चला रहे थे।

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