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नवाचार:पॉलिटेक्निक काॅलेज के विद्यार्थियों ने 12 हजार में बनाई ई-साइकिल, एक बार चार्ज के बाद चलेगी 25-30 किमी.

बाड़मेर13 दिन पहले
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बाड़मेर. ई-साइकिल के साथ विद्यार्थी। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर. ई-साइकिल के साथ विद्यार्थी।
  • 8 दिन में तैयार की इलेक्ट्रॉनिक साइकिल 20 पैसे प्र. किमी. खर्चा

पॉलिटेक्निक कॉलेज बाड़मेर के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले 14 स्टूडेंट ने इलेक्ट्रॉनिक से चलने वाली एक साइकिल तैयार की है। महज 8 दिन में इस साइकिल को बनाया गया है। इसकी लागत करीब 12 हजार रुपए आई है।

महज 20 पैसे प्रति किमी. इस साइकिल का खर्च आएगा। बिना पैंडल मारे इलेक्ट्रॉनिक साइकिल दौड़नी शुरू हो जाएगी। अब इसे एक बार चार्ज करने के बाद 25-30 किमी. तक ले जा सकेंगे। बैटरी चार्ज खत्म होने पर इसे पैंडल से भी चला सकेंगे। इसका अब कॉलेज में ट्रायल किया गया जो सफल हुआ है। पॉलिटेक्निक कॉलेज बाड़मेर के 14 विद्यार्थियों के एक दल ने 1 महीने तक रिसर्च करने के बाद साइकिल को तैयार किया है। इन विद्यार्थियों ने पहले 12 दिन तक लर्निंग की और प्लान कर कंट्रोलर मोटर बीएलडीसी का निर्माण किया। लेड एसिड बैटरी का उपयोग करके इसका निर्माण किया।

इस ई-साइकिल से चलने पर प्रति किमी. 20 पैसे ही खर्च आएगा। सोलर सेल से इंप्रूवमेंट कर यह अनूठी साइकल इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल दोनों मेथर्ड पर चलती नजर आती है।

पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के हिसाब से बेहद सार्थक इस साइकिल का निर्माण 14 विद्यार्थियों के ग्रुप में मिलकर किया है। जेठाराम गोदारा, कासिम अली, ईश्वर सिंह और दशरथ सिंह सहित कई स्टूडेंट ने मेहनत कर बनाया है। इस साइकिल को बनाने के लिए राशि विद्यार्थियों ने अपनी पॉकेट मनी से खर्च की है। इस साइकिल को बनाने में इलेक्ट्रिक एसओडी अमृतलाल जांगिड़ का भी सहयोग रहा है।

12-12 वॉट की दो बैटरी, 7 घंटे में होगी चार्ज होगी, स्पीड कंट्रोल सिस्टम भी लगाया

इस इलेक्ट्रॉनिक साइकिल में 12-12 वॉट की दो बैटरी लगी हुई है। कुल 24 वॉट क्षमता है। 250 वाट की मोटर लगी हुई है। इसके साथ ही साइकिल बैठक सीट के नीचे एक कंट्रोलर लगा हुआ है। जो रेस को बढ़ाने-घटाने के साथ ही स्पीड को कंट्रोल करेगा। बैटरी को चार्ज करने के लिए 7 घंटे लगेंगे।

इसके बाद 25-30 किमी. तक साइकिल बिना पैंडल मारे ही चल सकेगी। जब बैटरी चार्ज खत्म हो जाए तो इसे पैंडल से भी चलाया जा सकेगा। फाइनल ईयर के स्टूडेंट को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इस प्रोजेक्ट को चुना गया। जिस पर विद्यार्थियों ने काम करके साइकिल को तैयार किया है।

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