बाड़मेर में कारोबारी आत्महत्या केस:सुसाइड नोट में जिसका नाम उसकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन, 24 घंटे बाद भी नहीं उठाया शव; पोस्टमार्टम करवाने से किया इनकार

बाड़मेर8 महीने पहले
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बाड़मेर शहर के कारोबारी द्वारा आत्महत्या करने का मामला मंगलवार सुबह गरमा गया। कारोबारी के परिजन और समाज के लोगों ने सुसाइड नोट में लिखे माधोसिंह व अन्य की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 24 घंटे बाद भी शव उठाने से इंकार कर दिया। सभी ने मोर्चरी के आगे धरना दे दिया। सैकड़ों की तादाद में लोग धरने पर बैठे गए।

गौरतलब है कि बाड़मेर शहर के चौहटन रोड निवासी गणेश कुमार पुत्र तोगाराम ने रविवार की रात को बच्चे और पत्नी को छोड़कर दूसरे रूम में जाकर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी थी। करीब 1 साल पूर्व शहर के बीएससी चौराहे पर प्लॉट विवाद के चलते गणेश और उसके भाई पर जानलेवा हमला भी हुआ था। उस हमले में गणेश के सिर पर फावड़ा मारने से गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने 1 साल पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। जानकारी अनुसार इस मामले में गणेश 8 दिन जिला अस्पताल और 3 दिन जोधपुर एम्स में भर्ती भी रहा था।

कोतवाली थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई थी। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों को बचाने के लिए मामले में एफआर दे दी गई। न्याय नहीं मिलने से पीड़ित ने आहत होकर सुसाइड नोट लिखा और घर के अंदर ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

मॉर्चरी के बाहर तैनात पुलिस अधिकारी।
मॉर्चरी के बाहर तैनात पुलिस अधिकारी।

परिजनों एवं समाज की ये मांगे
दलित नेता उदाराम मेघवाल ने बताया कि गणेश कुमार पिछले 1 साल से पुलिस की कार्यप्रणाली और अपने ऊपर हमले से आहत था। हमारी पहली मांग भूखंड वापस गणेश कुमार के परिजनों को सौंपा जाए। सुसाइड नोट में लिखें आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, एक करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए और मुकदमा नंबर 80/2020 की अनुसंधान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मृतक व्यापारी गणेश कुमार।- फाइल
मृतक व्यापारी गणेश कुमार।- फाइल

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पुलिस और प्रशासन से हुई वार्ता बेनतीजा रही
मृतक गणेश के परिजन व समाज के लोगों से वार्ता के बाद भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पुलिस आश्वासन दे रही है कि आपकी वाजिब मांगों को मान लिया जाएगा लेकिन वार्ता अब तक बेनतीजा रही। इस दौरान मोर्चरी के आगे डीएसपी, कोतवाल और सदर थानाधिकारी सहित भारी संख्या पुलिस जाप्ता तैनात है।

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