प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई ने बीजेपी पर लगाए आरोप:बोले- जहां चुनाव होते है वहां अशांति फैलाती है BJP

बाड़मेर2 महीने पहले
जिला प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई। - Dainik Bhaskar
जिला प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई।

बाड़मेर जिले के प्रभारी मंत्री एवं राज्यमंत्री सुखराम विश्नोई ने शुक्रवार को जिले के अधिकारियों के साथ मीटिंग करके कल्याणकारी योजनाओं एवं फ्लैगशिप प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्थान में हुए दंगों को लेकर बीजेपी पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में चुनाव में आने वाले इस वजह दंगे करवाए जा रहे है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के सवाई माधोपुर आने के दूसरे दिन करौली में दंगा हुआ। लेकिन मुख्यमंत्री ने दंगों को भड़कने नहीं दिया और समय रहते शांत करवा दिया।

दरअसल, राजस्थान में सभी जिला प्रभारी मंत्री कल्याणकारी योजनाओं और फ्लैगशिप प्रोग्राम का फीडबैक के लिए जिले में जा रहे है। अधिकारियों के साथ मीटिंग करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे है। गहलोत सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को गिना रहे है। प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई ने मीटिंग में कई अधिकारियों को फटकार भी लगाई। इस दौरान गो सेवा आयोग अध्यक्ष एवं बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह खान, जिला कलेक्टर लोक बंधु, सीईओ ओपी विश्नोई मौजूद थे। मीडिया से बाचतीत करते हुए विश्नोई ने कहा कि राजस्थान में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएंगे वैसे-वैसे अशांति फैलाने का प्रयास करेंगे। बाड़मेर तो भाग्यशाली है कि यहां पर सभी समाज के धर्म ने रामनवमी, परशुराम जयंती, हनुमान जयंती, ईद पर के एक-दूसरे पर फूलों से स्वागत किया।

बिजली व पानी संकट के सवाल पर प्रभारी मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि यह केवल राजस्थान की स्थिति नहीं है यह संकट 12 राज्यों में है। कोयला देना भारत सरकार की जिम्मेदारी है। डिमांड के अनुसार कोयला राज्यों को देना चाहिए। गहलोत सरकार रुपए देने के लिए तैयार बैठी है लेकिन भारत सरकार पक्षपात कर रही है। करौली, अलवर व जोधपुर में हुई घटना में जो भी शामिल है इनके खिलाफ की जा रही है।

तुष्टिकरण की नीति हमारी पॉलिसी नहीं, सभी को साथ लेकर चलते है

प्रभारी मंत्री से पूछे सवाल में बताया कि सरकार ने कोई तुष्टिकरण की नीति नहीं अपनाई है जो अधिकार अल्पसंख्यक को है वह सभी को है। केवल मात्र कहने की बात है इस तरह की हमारी कोई पॉलिसी नहीं है। हम तो सभी को साथ लेकर चलने वाले है।

मंदिर गिराने में बीजेपी पार्षदों ने दी सहमति

अलवर जिले में 35 वार्ड में 34 पार्षदों ने मंदिर गिराने की निर्णय लिया गया। मंदिर गिराने के बाद आरोप कांग्रेस के माथे मड रहे है। बीजेपी चुनाव जीतने के लिए ध्रूवीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं इसको घोर निदां करता हूं। सरकार का पूरा प्रयास रहेगा कि इस तरह की घटना घटित नहीं हो। रामनवमी सहित अन्य त्योहारों पर दूसरे राज्यों में घटनाएं ज्यादा घटित हुई है। सरकार का प्रयास था कि राजस्थान में इस तरह की घटनाएं न हो।