फिर बदला मौसम, पारा 4 डिग्री गिरकर पहुंचा 40.7 डिग्री:40-50 किमी रफ्तार से चली आंधी, आंधी ने थामी पारे की रफ्तार

बाड़मेरएक महीने पहले
आसमान में दिनभर छाई रही धूल, गर्मी से मिली राहत। - Dainik Bhaskar
आसमान में दिनभर छाई रही धूल, गर्मी से मिली राहत।

बाड़मेर में आए दिन मौसम लगातार बदलता जा रहा है। तेज गर्मी व लू के बाद एक बार फिर से रेगिस्तान में आंधियों का दौर शुरू हो गया है। सड़कों पर आंधी की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है। धूल तेज हवा के साथ उड़कर सड़कों पर पहुंच रही है। आंधी चलने से गर्मी से राहत मिली है। लेकिन उमस से हर कोई पसीने तरबतर होता नजर आया। दिन के साथ रात का तापमान भी गिर गया है। सोमवार को दिन का तापमान 4 डिग्री गिरकर 40.7 डिग्री पर पहुंच गया। बाड़मेर में सोमवार सुबह से आसमान में धूल छाई हुई है। मौसम विभाग आगामी कुछ दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना जता रहा है। धूलभरी आंधी चलने के साथ पारा 40-42 डिग्री के आसपास रहेगा।

सड़कों पर धूल भरी आंधी में वाहन चलाने में आई दिक्कत।
सड़कों पर धूल भरी आंधी में वाहन चलाने में आई दिक्कत।

दरअसल, मई माह में हर चार-पांच दिन में मौसम बदल रहा है। चार-पांच दिन तेज गर्मी, लू व हीटवेव के बाद तेज हवा व धूलभरी आंधी चल रही है। बीते दो दिनों से आंधी का दौर चल रहा है लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन उमस ने हाल बेहाल किया है। गुड़ामालानी, चौहटन, शिव सहित कई इलाकों में आंधी चलने से लोगों की दिनचर्या बदली है। ग्रामीण लोगों का कहना है कि अब तो बारिश का इंतजार है और एक बार बारिश हो जाए इसके बाद धूल उड़ने पर ब्रेक लगेंगा।

सोमवार को सुबह से आसमान में धू छाई हुई है। आंधी से आसमान मटमौला हो गया है। बाइक व चौपहिया ड्राइवर को धूल की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवा चलने से तापमान में 4 डिग्री गिरावट आई है। तापमान 40.7 डिग्री के पहुंच गया है। वहीं बीती रात का तापमान 28.5 डिग्री दर्ज किया गया है। रविवार को दिन का तापमान 44.2 डिग्री था। मौसम विभाग आगामी दो दिन तक आंधी का दौर चलने की संभावना जता रहा है। मई के आखिरी दिनों में हीटवेव चलने की उम्मीद है।

ग्रामीण इलाकों में आंधी का प्रकोप ज्यादा

बॉर्डर सहित ग्रामीण इलाकों में आंधी का कहर ज्यादा रहा। धूल भरी आंधी में लोगों के हाल बेहाल नजर आए। ग्रामीण इलाको में आंधी से विजिबिलिटी कम हो गई। दिन भर रेतीले बवंडर चलते रहे। शहर की तुलना में गांवों में आंधी तेज थी। जिससे ग्रामीण इलाकों के कई सड़क मार्ग पर रेत जमा हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे दिन चली धूल भरी आंधी ने आम लोगों का जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया।