उदयपुर घटना को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर गूंजी हनुमान चालीसा:हिंदू संगठनों ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन

बाड़मेर7 महीने पहले
कलेक्ट्रेट के बाहर हिंदू संगठनों ने जमकर किया प्रदर्शन।

उदयपुर में युवक की बर्बरतापूर्वक हत्या की घटना के बाद आक्रोशित विभिन्न हिंदू संगठनों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर 6 मिनट तक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पहले बाड़मेर में गांधी चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सीएम अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हिंदू संगठनों ने राज्यपाल व राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन देकर आतंकियों को फांसी की सजा देने के साथ-साथ गहलोत सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।

हिंदू संगठनों ने कलेक्टर को राज्यपाल व राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।
हिंदू संगठनों ने कलेक्टर को राज्यपाल व राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

दरअसल, उदयपुर में मंगलवार को कन्हैयालाल की तालिबानी अंदाज में गला रेत कर हत्या कर दी थी। आतंकी 4-5 घंटे में पुलिस ने दोनों आतंकियों को पकड़ लिया था। लेकिन निर्मम हत्या के विरोध में प्रदेश भर में अलग-अगल संगठन के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे है। गुरुवार को बंजरग दल, विहिप सहित अलग-अलग हिंदू संगठनों के लोगों ने गांधी चौक में एकत्रित होकर पैदल रैली निकाली। रैली स्टेशन रोड, अहिंसा सर्किल, विवेकानंद सर्किल से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, कन्हैयालाल को न्याय दिलाया जाए।

हनुमान चालीसा का किया पाठ

संगठनों ने रैली निकालकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट गेट के बाहर हिंदू संगठनों ने सड़कों पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। लगातार करीब 5-6 मिनट तक भगवान हनुमान चालीसा का पाठ किया।

राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर राजस्थान सरकार हटाने की मांग
स्वरूपसिंह ने कहा कि उदयपुर की हत्या जघन्य हत्या है हर किसी को झकझोर दिया है। राजस्थान जैसे शांत प्रदेश में तालिबान व सीरिया से जैसी हत्या करने से साबित कर दिया कि आतंकी पाकिस्तान व तालिबान में नहीं हिंदुस्तान में भी पल रहे है। राजस्थान सरकार तुष्टिकरण की नीति अपनाकर आतंकियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। हमारी मांग है कि यह हत्यारे केवल दो नहीं है इसके पीछे बहुत बड़ी साजिशकर्ता है। इन सभी का पर्दाफाश करके संरक्षण देने वालों को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।