बच्चा नहीं होने से प्रताड़ित विवाहिता ने खाया जहर:10 दिन से अस्पताल में चल रहा था इलाज, दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज

बाड़मेर3 महीने पहले
बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर खड़े परिजन व पुलिस। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर खड़े परिजन व पुलिस।

दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साथ बच्चा नहीं होने के तानों से तंग आकर विवाहिता ने विषाक्त पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। रविवार को 10 दिन बाद विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला थाने की पुलिस ने मृतका के परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला बाड़मेर ग्रामीण थाने के बोथिया पुरोहितान गांव का है। वहीं, मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

पुलिस को परिजनों ने रिपोर्ट दी है कि बोथिया पुरोहितान निवासी भंवरी (21) पत्नी जगदीश की शादी तीन साल पहले हुई थी। एक साल बाद से विवाहित को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साथ बच्चा नहीं होने को लेकर ताने मारते थे। मृतका ने पीहर पक्ष को कुछ माह पहले बताया तब समाजिक स्तर पर पंच-पंचायती कर ससुराल वालों को समझाया। इसके बावजूद ससुराल बच्चा नहीं होने व दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। इससे परेशान होकर पीड़िता ने 12 मई को विषाक्त पदार्थ खा लिया। इसके मृतका को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार (22 मई) शाम को मृतका की मौत हो गई।

मृतका के काकाई भाई मांगाराम ने बताया कि बहन भंवरी की शादी के एक साल बाद से विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दो-तीन बार पंच-पंचायती करके ससुराल वालों को समझाया। लेकिन 12 मई को तंग आकर जहर खा लिया। बीते 10 दिन से बाड़मेर अस्पताल में भर्ती थी। हमने कई बार बोला बाहर ले जाकर इलाज करवाते है लेकिन ससुराल वालों ने हमारी एक नहीं सुनी। तीन साल शादी को हो गए थे बच्चा भी नहीं हुआ और दहेज के लिए 5 लाख रुपए की डिमांड करके प्रताड़ित करते थे। परिजनों ने पति, सास, ससुर औ देवर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

महिला सैल डीएसपी दीपक मीणा के मुताबिक परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामला 498 व 304 बी में दर्ज किया है।