70 कस्बों का अब नहीं टूटेगा मुख्यालय से संपर्क:नदी के ब्रिज लगी शिलाएं, 600 किमी लंबा स्टेट हाईवे तैयार

बाड़मेरएक महीने पहले
नदी के ब्रिज पर लगी शिलाएं, बहाव से बंद नही होगगा हाईवे। ड्रोल से लिए फोटो।

बारिश के समय में सुकड़ी, बांडी, लुणी नदी में पानी भराव होने से बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 70 छोटे-बड़े कस्बों का संपर्क टूट जाता था। सड़क हादसे सहित बीमार मरीज को अस्पताल पहुंचाने में घंटों समय लग जाता था। लेकिन अब यह संपर्क संभवत: कभी नहीं टूटेगा। हाईवे निर्माण कंपनी इस नदी पर ओवरब्रिज निर्माण का कार्य पूरा होने वाले है। जल्द इस ओवरब्रिज व पुल का निर्माण होने से आवागमन शुरू हो जाएगा। यह हाईवे जोधपुर संभाग के हर जिले को जोड़ेगा। सिवाना से बालेसर 600 किलोमीटर तक लंबा मेगा हाईवे तैयार होने वाला है। इस हाईवे पर रोजना सैकड़ों वाहन दौड़ेगे।

दरअसल, प्रदेश में बारिश के बाद सुकड़ी, बांडी व लूणी नदी का मिलन बाड़मेर जिले के रामपुरा गांव में होता है। इन नदियों में पानी आ जाने के बाद समदड़ी सहित आसपास कोटड़ी, मजल, करमावास, बामसीन, लाखेटा, कमो का पाड़ा, देवलीयाली, अजीत, महेश नगर, खंडप सहित करीब 70 छोटे-बड़े कस्बों का उपखंड व जिला मुख्यालय से करीब दो माह तक संपर्क टूट जाता है। सिवाना से बालेसर (जोधपुर) तक हाईवे में 600 किलोमीटर दूरी में कुल 90 पॉइंट दिए गए है।

हाईवे निर्माण में कार्यरत कंपनी के सिविल इंजीनियर मनीष चौधरी ने बताया कि कई जिलों में अब तक बड़े-बड़े हाईवे एवं ब्रिज निर्माण करवाए, इसमें सैकड़ों की तादाद में बड़े वाहन व छोटे वाहनों को सुविधाएं मिल रही है। वहीं, व्यापारिक दृष्टि से भी ट्रांसपोर्ट को भी बड़ा फायदा मिलने के साथ ईधन की खपत में भी कमी आएगी।

21 पीलर पर बन रहा है ओवरब्रिज

समदड़ी लूणी नदी पर निर्माणाधीन 700 मीटर के ओवरब्रिज में 90 मजदूर 16 घंटे काम कर रहे है। न्यू टेक्नोलॉजी की मशीनरी से बरसात से पहले ओवरब्रिज का कार्य पूरा करने का टारगेट रखा गया है। 21 पिलर पर बनने वाले इस ओवरब्रिज से नदी में पानी का बहाव, बारिश, आंधी, तूफान सहित किसी भी प्रकार की बाधा में आवागमन में रोड़ा नहीं बनेगा।

2019 में शुरू हुआ कार्य, जोधपुर के सभी जिलों से सीधा जुड़ाव

पीडब्लूडी चीफ इंजीनियर की निगरानी में तैयार हो रहे हाईवे व ओवरब्रिज को लेकर बताया कि वर्ष 2019 में शुरू हुआ हाईवे का कार्य सिवाना, से करमावास, बालेसर से मोखंडी तक पूरी तरह से तैयार हो गया है। वहीं, करमावास से पेट्रोल पंप के नजदीक से खेतों के बीच में निकलकर ब्रिज को पार करते हुए समदड़ी हाईवे टच तक का कार्य अंतिम पड़ाव पर है, जिसे जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। हाईवे के बीच में दवेड़ा के नजदीक टोल प्लाजा लगेगा। हाईवे के बनने से ट्रेफिक के साथ ग्रेनाइट एवं माइंस के लिए आवागमन करने वाले वाहनों का जोधपुर संभाग के सभी जिलों से सीधा जुड़ाव हो जाएगा।

सिवाना से बालेसर 600 किमी लंबा हाईवे, जोधपुर संभाग के हर जिले से सीधा जुड़ाव।
सिवाना से बालेसर 600 किमी लंबा हाईवे, जोधपुर संभाग के हर जिले से सीधा जुड़ाव।

कम समय में लंबी दूरी

सभी जिलों से जुड़ाव होने से कम समय में लंबी दूरी तय होगी, इससे व्यापार में वृद्धि आएगी। आरएलडीपीएल कंपनी की ओर से पूरा कार्य इंजीनियरों की देखरेख में किया जा रहा है। 5 साल तक कंपनी का मेंटेनेंस का जिम्मा रहेगा। कोविड के कारण 5 माह तक काम बंद रहने के कारण थोड़ा समय के लिए काम अटक गया था। वहीं, किसानों की जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण इनके विरोध का भी सामना करना पड़ा था।

2018 में स्वीकृति मिली, अब काम पूरा

सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल का कहना है कि स्टेट हाईवे 66 सिवाना समदड़ी, कल्याणपुर,नागाणा ,मंडली सड़क मार्ग के लिए 2014 से लगातार संघर्ष किया तब जाकर 2018 में स्वीकृति हुई थी। उसी समय टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी थी। चुनाव आचार संहिता के कारण कार्य शुरू नही हो पाया था। वसुंधरा सरकार में सम्पूर्ण कार्य स्वीकृत हो चुका था। सड़क वर्षो से खराब ही पड़ी थी जोधपुर जाने के लिए यह सड़क मुख्य रास्ता है इस रास्ते में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के समय में गांवो का संपर्क टूटने से हरी-बीमारी व सड़क हादसे के समय परेशानी होती थी। तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे व सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनुस खान के सहयोग से यह सड़क स्वीकृत हुई । इसमें 325 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। इससे यह सड़क आज बनकर तैयार हुई है आमजन को अच्छी सुविधा मिल सके इसलिए इसको सात मीटर चौड़ा बनवाया गया और सभी ब्रिज बनवाए गए, एक मात्र रेलवे ओवर ब्रिज बामसीन फाटक पर नही बना है जिसको लेकर मेरा लगातार प्रयास जारी है उम्मीद करता हूं भारत सरकार से अतिशीघ्र ही यह भी स्वीकृति मिल जायेगी। ताकि लोगों को और अधिक सुविधा मिल सके।

फोटो, वीडियो और कंटेट : सुनील दवे।