दफनाए शव को बाहर निकालने पर समाज का फूटा गुस्सा:बोले- बुजुर्ग महिला के शव के साथ हुई है बेक्रदी

बाड़मेर5 महीने पहले
समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन की कार्रवाई की मांग।

90 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव सार्वजनिक श्मशान घाट में दफनाने के बाद दबंगों के दबाव से 3 दिन बाद परिजनों ने शव कब्र से बाहर निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने बुजुर्ग का शव खेत में दफनाया। ढाढी समाज के लोगों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार गांव के दबाव में है। वहीं, रामसर कुआ गांव में ढाढी समाज के लिए श्मशान घाट के लिए अलग से भूमि आवंटन करवाने की मांग की है।

90 बुजुर्ग महिला का शव 27 जून को यहां पर दफनाया था। तीन बाद दबंगों के दबाव से निकाला था बाहर।
90 बुजुर्ग महिला का शव 27 जून को यहां पर दफनाया था। तीन बाद दबंगों के दबाव से निकाला था बाहर।

रामसर कुआ में बुजुर्ग महिला के दफनाए शव को बाहर निकालने के बाद समाज के लोगों को भारी आक्रोश है। समाज के लोगों का आरोप है कि पीड़ित परिवार पर दबंगों का जबरदस्त दबाव है। इसके चलते पीड़ित परिवार डर व भय के चलते बोल नहीं रहा है। सोमवार को समाज के लोग महावीर पार्क एकत्रित हुए। जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

समाज के प्रतिनिधि मनोहर के मुताबिक कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में ढाढ़ी समाज की ओर से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाए और जो भी लोग इस मामले में दोषी रहे हो, इनके विरुद्ध कानूनन कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ढाढ़ी समाज के लोगों ने समाज के लिए श्मशानघाट की भूमि आवंटन करने की मांग रखी है।

यह था मामला

रामसर कुआ निवासी अणसी देवी (90) पत्नी लाखाराम ढाढी बीमार थी। 27 जून को वृद्धा की मौत हो गई। घरवालों ने उसके शव को गांव के सार्वजनिक श्मशान घाट में ले जाकर दफना दिया। 29 जून को गांव वालों को इसकी भनक लगी तो विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने अणसी देवी के घरवालों को बुलाया और दफनाए शव को श्मशान घाट से ले जाने का दबाव बनाया। पीड़ित परिवार को कहा- शव बाहर नहीं निकाला तो तुम्हारा गांव में हुक्का-पीना और रास्ता बंद करवा देंगे। डर के मारे घरवालों ने शव को JCB से बाहर निकाला और रेत सहित शव को ट्रेक्टर भरवाकर रवाना कर दिया। इसके बाद खुद के खेत में दफना दिया।