पानी की किल्लत से ग्रामीण परेशान:बोले- अधिकारियों ने कहा पानी संतुष्टि के लिए पंजाब चले जाओ

बाड़मेरएक महीने पहले
ग्रामीणों का कहना है कि होदी पर टैंकर भरने का पॉइंट बना रहे उसको बंद किया जाए। - Dainik Bhaskar
ग्रामीणों का कहना है कि होदी पर टैंकर भरने का पॉइंट बना रहे उसको बंद किया जाए।

बाड़मरे शहर के आसपास के इलाकों में एक तो नहरबंदी दूसरा पॉइंट से सरकारी टैंकर भरने से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के आगे विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर पानी की समस्या से निजात दिलाते हुए तिलक नगर पॉइंट से सरकारी टैंकर नहीं भरवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब यह शिकायत लेकर PHED विभाग गए तो विभाग के अधिकारियों ने गैर जिम्मेदार जवाब देते हुए कहा पानी संतुष्टि के लिए पंजाब चले जाओं।

दरअसल, इंदिरा गांधी नहर से नहरबंदी होने से बाड़मेर जिले में पीने के पानी किल्लत हो गई है। गर्मी को देखते हुए पानी की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन जलदाय विभग के पास स्टोरेज में पानी की उपलब्धता को देखते हुए पानी सप्लाई का अंतराल बढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद भी एक वीक में पानी नहीं पहुंचा तो शहर में भयंकर पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। क्योकि इंदिरा गांधी नहर में पंजाब से पानी नहीं आने से नहरबंदी की समयावधि बढ़ा दी है। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि बीते दो माह से पानी घरों में नहीं आ रहा है लेकिन इसके लिए हम पहले से परेशान है। अब उसी टंकी पर टैंकर भरने का पॉइंट बना रहे है तो फिर घरों में पानी आना ही नहीं है। हम लोग बूंद के लिए तरसना पड़ेगा। हमारी मांग है कि टैंकर पॉइंट तो बंद करवाए।

उगमसिह का कहना है कि दानजी की होदी व वीदासर में पानी तिलक नगर होदी से पानी आता है। नहर बंदी के चलते पानी कम आ रहा था हमने जैसे-तैसे चलाया। लेकिन तिलक नगर होदी जहां से पानी आता है जलदाय विभाग ने तिलकनगर में टैंकर भरवाने का पॉइंट बना दिया है। पहले से पानी कम आ रहा है और अगर यहां पर टैंकर भरने का पॉइंट लग जाएगा तो फिर हमारे घरों में पानी ही नहीं आएगा।

जलदाय विभाग के अधिकारियों का गैर जिम्मेदार जवाब

ग्रामीण का कहना है कि हम लोग जलदाय विभाग के अधिकारियों के पास गए कि यहां पर पॉइंट न बनाए। हम लोग को विभाग के अधिकारी कह रहे कि पानी की संतुष्टि के लिए आप लोग पंजाब जाओ। यह प्रशासन का रवैया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर पानी व अधिकारियों के रवैया से अवगत करवाया है।