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हनुमान बेनीवाल लोकसभा में फिर उठाएंगे कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामला:बोले- नेताओं ने दिल्ली में जाकर किया सरेंडर, जांच रुकने नहीं देंगे

बाड़मेर2 महीने पहले
सांसद बेनीवाल ने कहा कि इस मामले को लोकसभा में मजबूती के साथ उठाएंगे।

राजस्थान का बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकांउटर मामले एक बार फिर आरएलपी सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल लोकसभा में उठाएंगे। इसको लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा कि कमलेश एनकाउंटर, लवली काउंटर सहित राजस्थान के कई मामलों को लोकसभा सेशन में उठाऊंगा। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर में बाड़मेर कांग्रेस के बड़े नेता के परिवार के नाम आ रहे है। इन नेताओं में दिल्ली जाकर सरेंडर कर दिया इससे जांच को रुकवा दिया है लेकिन जांच होगी।

सासंद हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कमलेश प्रजापत एनकाउंटर सहित तीन-चार मामलों में नेताओं पर सीधी अंगुली उठ रही है। कमलेश प्रजापत एनकाउंटर में बाड़मेर कांग्रेस के बड़े नेता के परिवार का नाम सामने आ रहा है। यह सारी जांचे कई न कई रुकी हुई है। कई न कई मुझे ऐसा लगता है कि तमाम नेताओं ने दिल्ली में जाकर सरेंडर कर दिया। जो रोक दी लेकिन जांच अवश्य होगी। इस लोकसभा सेशन में कोशिश यह करेंगे की सीबीआई जांच में पेंडिंग पड़े मामले में सीबीआई दल यहां पर आकर जांच करें।

सांसद हनुमान बेनीवाल बोले- लोकसभा में मजबूती से उठाएंगे

सांसद ने कहा कि लवली एनकाउंटर मामला राजस्थान सरकार ने सीबीआई को जांच के लिए सौंपा था। एक बार यह फाइल सीबीआई ने कुछ डॉयुक्यमेंट की कमी बताकर फाइल सरकार को वापस भेज दी है। दुबारा इसको वापस फाइल सीबीआई को भेजा जाएगा। दिल्ली में भी हमारी बात हो गई है। इस लोकसभा सेशन में मजबूती से मांग उठाएंगे।

यह है मामला

22 अप्रैल 2021 को सदर थाना क्षेत्र के सेंट पॉल स्कूल के पीछे एक मकान में घिरे कमलेश प्रजापत को पकड़ने गई पुलिस ने उसके गेट तोड़ कर भागने के दौरान गोली मार कर एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद एनकाउंटर पर लगातार उठ रहे सवालों और भारी विवाद के बाद राजस्थान सरकार ने सीबीआई जांच के लिए 31 मई को नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। इसके आधार पर केन्द्र ने 2 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी कर सहमति दे दी थी। केन्द्र के नोटिफिकेशन के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने करीब तीन-चार माह तक सर्किट हाउस में अस्थाई कैंप लगातार जांच शुरू की थी। लेकिन बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई है।