नाडी को भी किया प्रदूषित:600 बीघा भूमि पर आरएसएमएम ने छाेड़ा दूषित पानी, बंजर हाेने से अब यहां पर घास भी नहीं उगती

बाड़मेर9 महीने पहलेलेखक: महेश गाैड़ और नरपत रामावत
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बाड़मेर.  विशाला आगोर के छापरी राजस्व गांव के पास स्थित 600 बीघा जमीन में साेनड़ी माइंस से छोड़े गए पानी से गोचर जमीन हुई बंजर। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर. विशाला आगोर के छापरी राजस्व गांव के पास स्थित 600 बीघा जमीन में साेनड़ी माइंस से छोड़े गए पानी से गोचर जमीन हुई बंजर।
  • कृषि व गोचर की सैकड़ाें बीघा जमीन बंजर

ग्राम पंचायत बिशाला आगोर के राजस्व गांव छापरी में 600 बीघा गोचर व कृषि भूमि पर आरएसएमएम ने केमिकल युक्त पानी छोड़कर जमीन को बंजर कर दिया है। इस जमीन पर अब घास भी नहीं उगती है। भूमि पर खड़े पेड़ भी काले पड़कर नष्ट हो गए। अब यह पूरी जमीन मैदान बन गई है। यहां पर रहवासी किसानों की जमीन भी इस केमिकल युक्त पानी की शिकार हो गई है। इस वजह से यहां पर कुछ भी फसल की पैदावार नहीं हो पाती है।

पिछले दस सालों से यहां रहवासी कई किसानों ने जमीन बंजर होने की वजह से फसलों की बुआई करनी भी छोड़ दी है। इस संबंध में कई बार किसानों ने आरएसएमएम के अधिकारियों, जिला कलेक्टर व अन्य संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि केमिकल युक्त पानी की वजह से पूरी गोचर व कृषि भूमि खराब हो गई है, अब पशुओं के चारे के लिए यहां पर घास भी पैदा नहीं होती है।

गोचर व कृषि भूमि हो गई बंजर, नाडी में भी भर गया दूषित पानी
ग्राम पंचायत बिशाला आगोर के छापरी गांव में करीब छह सौ बीघा गोचर व किसानों की जमीन पर कंपनी केमिकल युक्त पानी छोड़ रही है। अब पूरी जमीन बंजर हो चुकी है। जेएसडब्ल्यू के सीएसआर फंड से नाडी की खुदाई करवाकर बरसाती पानी सहेजने व पशुओं के पेयजल के लिए तैयार की थी। इसमें भी अब यह केमिकल युक्त गंदा पानी भरा हुआ है।
-दलपतसिंह, सरपंच, बिशाला आगोर

दो दिन पहले डेम लीकेज हुआ, ठीक कर रहे हैं
माइंस से निकलने वाले पानी के लिए स्टोरेज डेम बनाया हुआ है। दो दिन पहले डेम लीकेज हो गया था। इस वजह से पानी खेतों में पहुंच गया है। अब डेम को ठीक करवाया जा रहा है। केमिकल युक्त पानी से फसलों के नुकसान की रिपोर्ट बनाकर आगे भेजेंगे। कंपनी के नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
-हरसिंगाराम, आरएसएमएम, माइंस मैनेजर

ग्रामीणों का आरोप जानबूझकर खेतों में छोड़ा केमिकल युक्त पानी
आरएसएमएम की साेनड़ी माइंस में कोयले की खदान है। खदान की खुदाई के दौरान भूमि तल से पानी का रिसाव होता है और खान में पानी भर जाता है। ऐसे में कंपनी ने इस पानी की निकासी के लिए एक स्टोरेज बना रखा है। खान से पंप के जरिए स्टोरेज में पानी को एकत्रित करते है और बरसात के दौरान चुपके से पानी के बहाव के साथ इस पानी को भी छोड़ देते है, जो खेतों व गोचर जमीन पर चला जाता है। इस वजह से जमीन बंजर हो गई है।

इस बार दो दिन पहले इनके स्टोरेज प्लांट की दीवार टूट गई और पूरा पानी 600 बीघा गोचर व कृषि जमीन पर फैल गया है। इसका किसान लगातार विरोध कर रहे हैं। सवाईसिंह सहित ग्रामीणों ने आरएसएमएम पर आरोप लगाया कि दो दिन पहले स्टोरेज में पानी की क्षमता अधिक हो गई। ऐसे में कंपनी कार्मिकों व अधिकारियों ने जान बुझकर जेसीबी से दीवार को तोड़कर हमारे खेतों में केमिकल युक्त पानी को छोड़ दिया। मवेशियों का पूरा चारागाह नष्ट कर दिया और हमारे खेतों को बंजर कर दिया है। इसको लेकर हमारी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।

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