प्रशिक्षण एवं जांच शिविर का समापन:स्काउटिंग छात्रों को जीवन में अनुशासन और जीवन जीने के तरीकों की देती हैं सीख

बाड़मेर6 दिन पहले
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राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ बाड़मेर की ओर से शिव मंदिर महाबार रोड में चल रहे स्काउट के द्वितीय एवं तृतीय सोपान का प्रशिक्षण एवं जांच शिविर का समापन रविवार को हुआ। शिविर संचालक गोपाल गर्ग ने बताया कि समापन समारोह प्रधानाचार्य कमल सिंह रानीगांव के मुख्य आतिथ्य व स्काउट गाइड के पूर्व सचिव मुकेश व्यास की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। दक्ष प्रशिक्षक भंवरलाल चौहान, त्रिलोक राम सेजू, नारायण राम विश्नोई, वीराराम सहेलिया ने प्रातः कालीन व्यायाम सहित अनेकों गतिविधियों में स्काउट को प्रशिक्षित किया।

मुख्य अतिथि कमल सिंह रानी गांव ने कहा कि स्काउट में प्रवेश के साथ ही वह हमेशा के लिए स्काउट का होकर रह जाता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में मुकेश व्यास ने बताया कि स्काउट वर्दी धारण करते ही हमारे दायित्व में वृद्धि हो जाती है हमें अनुशासित तरीके से कार्यों को अंजाम देने में दक्षता हासिल होती है। स्थानीय संघ के मानद सचिव ने बताया कि चापसिंह राठौड़, दशरथ कुमार, अनिल जांगिड़, खुमानसिंह राजपुरोहित, जयराम एवं कमला चौधरी की मदद से सात दिवसीय शिविर में स्काउट को अन्य कलाओं में दक्ष कर पाए। ध्वजारोहण के पश्चात सर्व धर्म प्रार्थना, व्यायाम, झंडा गीत, नियम शिष्टाचार सहित अनेक विषयों पर कक्षाओं का नियमित संचालन होता था जिसका जीवंत उदाहरण स्काउट बच्चों ने समापन अवसर पर दिया स्काउट शिविर के संचालक गोपाल गर्ग ने कार्यक्रम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। संचालन भंवरलाल चौहान ने किया।

सिणधरी - स्काउटिंग व्यक्ति के जीवन को सेवाभावी, अनुशासित, व्यवस्थित व संस्कारशील बनाती है। स्काउटिंग आंदोलन की विभिन्न गतिविधियों से बालचरों में करके सीखने की विधि से जीवन मे शिक्षा को संस्कार में बदलने का कार्य बखूबी हो रहा है। ये विचार राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड स्थानीय संघ सिणधरी के तत्वावधान में दिनांक 15 से 21 सितम्बर तक आयोजित सात दिवसीय द्वितीय/तृतीय सोपान स्काउट व गाइड प्रशिक्षण एवं अभिशंषा शिविर के चौथे दिन ध्वजारोहण के अवसर पर अतिथि जुंझाराम महिया व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड सामान्य विद्यार्थियों से अधिक अनुशासित, सेवाभावी व जिम्मेदार होते हैं।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि निम्बाराम जाणी, पेमाराम डोगीयल, धन्नाराम लोल, कानाराम बेनीवाल आदि ने शिरकत की। इससे पूर्व शिविर 15 सितम्बर को शिविर शुरू हुआ। शिविर के द्वितीय दिवस सीबीईओ करनाराम अणखिया, राउमावि धन्ने की ढाणी के प्रधानाचार्य गणेशमल, स्थानीय सरपंच हनुमानराम गोदारा, लुम्बाराम सारण , बलदेवराम सोयल, ओपी तरड़ ने शिरकत की। शिविर संचालक गोरधन राम चौधरी ने बताया कि शिविर में करीब 300 बालचर भाग ले रहे है। जिन्हें स्काउट आंदोलन की जानकारी, प्राथमिक सहायता, पायनियरिंग, गांठे, लेसिंग, खोज के चिह्न, कंपास व दिशा की जानकारी, मानचित्र पठन आदि विषयों पर दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

शिविर में स्थानीय संघ सचिव दूदाराम चौधरी, रमेश कुमार, भैराराम चौधरी, भूराराम डूडी, नवलाराम चौधरी, तेजाराम, अंजलि चंदेल प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है। शिविर के सफल आयोजन में सर्विस रोवर नरपत कुमार, मुकेश कुमार, ओम प्रकाश, जोगाराम, ईश्वरलाल देवासी, कंवराराम, दिनेश, थानाराम, खुमाराम व रेंजर शांति, गुणवत्ता, विमला तथा स्थानीय धर्मेंद्र, हरिराम, पदमाराम आदि शिविर में सहयोग प्रदान कर रहे है।

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