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MBBS छात्रा का सुसाइड:भावुक पिता बोले-फोन पर की थी 3 मिनट बात, नहीं पता था कि एग्जाम के तनाव में बेटी भयानक कदम उठा लेगी

बाड़मेर2 महीने पहले
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स्टूडेंट ने सुनीता की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित की। - Dainik Bhaskar
स्टूडेंट ने सुनीता की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित की।

एमबीबीएस छात्रा की खुदकुशी के बाद पूरा परिवार और कॉलेज सदमे में हैं। मामला बाड़मेर मेडिकल कॉलेज का है, जहां सेकंड ईयर स्टूडेंट सुनीता मीणा ने गर्ल्स होस्टल के रूम नंबर 2 में सोमवार शाम पंखे के हुक से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। सुनीता का परिवार भी मंगलवार को बाड़मेर पहुंच गया है। सुनीता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने दोपहर बाद 3 मिनट तक बात की थी। नहीं पता था कि एग्जाम के तनाव में ऐसा भयानक कदम उठा लेगी।

पिता ने कहा-फोन पर तो नॉर्मल लग रही थी, ...क्या साबित करना चाह रही थी
सुनीता के साथ बैठकर लंच और डिनर गरने वाली गर्ल्स लगातार आंसू बहा रही हैं। पिता के दिल पर गहरी चोट लगी है। वे पूरी तरह खुद को संभाल नहीं पा रहे। हालत ठीक नहीं है। सुनीता से अंतिम बार मिलने वाली गर्ल्स के पांव लड़खड़ा रहे हैं। सुसाइड से कुछ घंटों पूर्व फोन पर बात करने वाले पिता बस इतना बोल पा रहे हैं-वो तो एकदम नॉर्मल लग रही थी। ऐसा कौन सा विश्वास था जो उसे साबित करके दिखाना था। एग्जाम का तनाव भी कोई इतना ले सकता है क्या भला।

फोन पर कहा-पापा आप कैसे हैं, मैं बिल्कुल ठीक हूं, सबके बारे में पूछा

पिता ने मोर्चरी में बेटी के शव के पोस्टमार्टम के दौरान आंसू पोंछते हुए कहा, ढाई बजे तो उसका फोन आया था। उन्होंने कहा-वह बोल रही थी, पापा आप कैसे हैं, मैं बिल्कुल ठीक हूं। थोड़ा एग्जाम को लेकर चिंता थी। दो से तीन मिनट तक बात हुई। अहसास ही नहीं हुआ कि वो ऐसा भयानक कदम भी उठा सकती है। वो तो परिवार के हर सदस्य के बारे में पूछ रही थी। पता नहीं, इसका मतलब क्या था। क्या वो जानती थी कि कुछ घंटों बाद वह नहीं रहेगी। पता नहीं ये क्या हो गया। सुनीता के परिजनों ने बताया कि वह शादी में झुंझुनूं आई ही थी। बहुत खुश थी। खूब एंजॉय किया। तीन दिसंबर को ही तो बाड़मेर कॉलेज लौटी थी।
अक्सर कई बातों से हो जाती थी परेशान, पढ़ाई को लेकर टेंशन में रहती थी
गर्ल्स कॉलेज में साथ रहने वाली प्रियंका यादव ने बताया कि MBBS सेकंड ईयर के एग्जाम जनवरी माह में हैं। सोमवार को कॉलेज स्तर पर प्री टेस्ट चल रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे हम दोनों साथ में खाना खाया था। उस समय सुनीता बोल भी रही थी, जनवरी में एग्जाम हैं और सिलेबस बहुत ज्यादा है। बात-बात पर पढ़ाई को लेकर टेंशन लेती थी। हम कई बार बोलते भी थे इतनी ज्यादा टेंशन मत ले, पढ़ लेंगे। पर पता नहीं वो इतना टेंशन क्यों लेती थी। अच्छी खासी थी, चली क्यों गई।

हम जब तक दौड़कर पहुंचते तब तक देर हो चुकी थी

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके आसेरी ने बताया कि सुनीता अच्छी स्टूडेंट थी, लेकिन पढ़ाई को लेकर स्ट्रेस ज्यादा लेती थी। हमें 7 बजे के बाद में पता लगा कि सुसाइड कर लिया है। हम दौड़कर रूम तक पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ऐसा अनुमान है कि शाम 4:30 बजे के आसपास ही उसने सुसाइड कर लिया था। अब उसका पोस्टमार्टम भी हो गया है। कॉलेज की ओर से पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया है। उसी आधार पर पुलिस सुसाइड नोट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच करेगी।
भाई भी मणिपुर से कर रहा डॉक्टरी की पढ़ाई
सुनीता पढ़ाई में शुरू से ही इंटेलिजेंट थी। पहले अटैंम्प्ट में उसका सलेक्शन हो गया था। उसका भाई भी मणिपुर से MBBS कर रहा है। और भी बहनें हैं जो भाई के साथ ही रहकर पढ़ाई कर रही हैं। पिता रेलवे में कार्यरत हैं, जिनकी पोस्टिंग जोधपुर में है।

लड़खड़ाते कदमों से स्टूडेंट्स ने दी अंतिम विदाई
कॉलेज परिसर में दर्शन के लिए रखी सुनीता की बॉडी के सामने हर किसी की आंखें डबडबा उठी थीं। साथ पढ़ने वाली गर्ल्स लड़खड़ाते पांवों से, एक-दूसरे को पकड़कर आगे आ रही थीं, बॉडी पर फूल अर्पित करती रहीं। उन्हें संभालने के लिए साथ की स्टूडेंट्स एक-दूसरे का सहारा बनती रहीं। कॉलेज स्टाफ ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। स्टूडेंट्स रोने लगे तो स्टाफ ने भी उन्हें संभाला, बैठाया, पानी पिलाकर सामान्य करने की कोशिश की।