• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Barmer
  • Survey Done In 5.50 Lakh Houses In Barmer, 54 Thousand Coughs Found In Two Stages, Patients With Cold Fever, 25 Percent Beds Empty

डोर-टू-डोर सर्वे ने रोका कोरोना संक्रमण:बाड़मेर में 5.50 लाख घरों में किया सर्वे, दो चरणों मे मिले 54 हजार खांसी, जुकाम बुखार वाले मरीज, 25 फीसदी बेड खाली

बाड़मेरएक वर्ष पहले
बाड़मेर ग्रामीण इलाको में डोर-टू-डोर सर्वे करती टीम।

डोर-टू-डोर सर्वे गांवों में कोरोना संक्रमण रोकने का सबसे बड़ा हथियार बनकर सामने आया है। बाड़मेर के 70 फीसदी गांवों में एक बार संक्रमण फैल गया था। गहलोत सरकार के एक फैसले और जिला प्रशासन के प्रयासों से इन 70 फीसदी गांवों में कोरोना ने घुटने टेक दिए।

जिले में 25 फीसदी बेड खाली हो गए हैं। बाड़मेर में 25 अप्रैल से पहला डोर-टू-डोर सर्वे शुरू हुआ था। दो चरणों के सर्वे में 54 हजार 'इन्फ्लुएंज़ा जैसे लक्षण' के लोगों को चिन्हित कर मेडिकल किट वितरण किए और उन लोगों की समय-समय पर निगरानी समिति द्वारा फॉलोअप लिया गया।

जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहनदान रतनू ने बताया कि जिले में 20 अप्रैल से कोरोना संक्रमण के मरीज ज्यादा आने लगे। जिला अस्पताल भी फुल होने लग गया था। 25 अप्रैल से विधिवत पहला डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया था। अब तक डोर-टू-डोर सर्वे के दो चरण पूरे हो चुके हैं। दोनों चरणों के सर्वे में 54 हजार (ILI)'इन्फ्लुएंज़ा जैसे लक्षण' के लोगों को चिन्हित कर मेडिकल किट वितरण किए। गुरुवार से तीसरे चरण का सर्वे शुरू हो चुका है।

5.50 लाख लोगों तक दो बार पहुँचा प्रशासन

वहीं दूसरा चरण 6 मई से शुरू किया गया। इन्हीं परिवारों का फॉलोअप लेते हुए दूसरे चरण में 30 हजार लोगों को चिन्हित कर मेडिकल किट वितरण किया गया। 20 मई से तीसरे चरण की शुरूआत कर दी है। सर्वे करने से परिणाम यह हुआ कि जिला अस्पताल में सीरियस मरीज आ रहे थे वो अब नहीं आ रहे हैं।

अस्पताल में 25 फीसदी बेड खाली

बाड़मेर जिले में जिला अस्पताल और बालोतरा अस्पताल में 700 बेड हैं। इनमें भी 25 फीसदी बेड अभी खाली है। अब कोई सीरियस कोरोना या अन्य बीमारी का मरीज अस्पताल में आए तो बेड आसानी से मिल रहा है और इलाज भी हो रहा है।

शुरूआती स्टेज पर मेडिकल किट

डोर-टू-डोर सर्वे का मुख्य उद‌्देश्य यही था कि ग्रामीण इलाकों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी और प्रारम्भिक स्टेज पर उनको मेडिकल किट वितरण कर संक्रमण को वही रोका जाए। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही थी उसको भी रोकना था। कोरोना संक्रमण रोकने की दो वजह है कि डोर-टू-डोर सर्वे कर लोगों को होम आइसोलेशन में रख और समय पर पीएचसी और सीएचसी पर इलाज मिल गया। इससे लोग घरों की ओर लौटने लगें।

21 पंचायत समितियों में डोर-टू-डोर सर्वे

बाड़मेर जिले में 21 पंचायत समिति मे 689 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायत समितियों में डोर-टू-डोर सर्वे करवाया। खासी, जुकाम और बुखार वाले मरीजों को चिन्हित कर मेडिकल किट वितरण किया गया, वही पर इनका इलाज करवाया गया। निगरानी कमेटी द्वारा समय-समय पर इन लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाने लगी।

खबरें और भी हैं...