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  • The Condition Of The State Highway Is Worse Than The Gravel Road, Potholes On The Chava Phalsund Road, There Is A Fear Of Accident Due To Water Logging In The Pits.

मामूली बरसात में पानी का भराव:स्टेट हाइवे की स्थिति ग्रेवल सड़क से भी खराब, चवा-फलसूंड सड़क पर जगह-जगह गड्‌ढे, गड्ढों में पानी भराव से हादसे का डर

बायतु20 दिन पहले
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बायतु. चवा-फलसूंड स्टेट हाइवे पर गड्‌ढों में भरा पानी। - Dainik Bhaskar
बायतु. चवा-फलसूंड स्टेट हाइवे पर गड्‌ढों में भरा पानी।

चवा-फलसूंड स्टेट हाइवे 40 की दयनीय स्थिति से राहगीरों सहित वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क को स्टेट हाइवे का दर्जा तो मिले लंबा समय हो चुका है लेकिन सड़क की स्थिति गांवों की सड़कों से भी बदहाल है। सड़क पर जगह जगह बने गड्ढों मे बरसाती पानी एकत्रित हो जाने से हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। लेकिन जिम्मेदार स्टेट हाइवे की दयनीय स्थिति को लेकर गंभीर नहीं है।

हालांकि कुछ जगह पर पूर्व मे सड़क का मरम्मत कार्य करवाया गया था। लेकिन सिंगल सड़क मार्ग होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश काकड़ ने बताया कि इस सड़क मार्ग पर हमेशा लोगों की आवाजाही लगी रहती हैं।

चवा को बायतु, कानोड़, सवाऊ, फलसूंड, पोकरण होते हुए रामदेवरा से जोड़ने वाली एक मात्र सीधी सड़क है। यह सड़क दो जिलों के बीच की मुख्य सड़क है। इस सड़क मार्ग के जगह जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालकों को नुकसान होता है। वहीं समय भी दुगुना लगता है।

रामदेवरा यात्रियों का मुख्य मार्ग: बाबा रामदेव के दर्शन करने गुजरात से रामदेवरा जाने वाले यात्रियों के लिये चवा फलसूंड स्टेट सीधी सड़क है। लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रामदेवरा पैदल जाने वाले यात्रियों को इस सड़क मार्ग पर भारी परेशानियां झेलनी पड़ती है।

अधिकारी बोले; बारिश के बाद करवाएं सड़क मरम्मत

चवा से फलसूंड जाने वाले स्टेट हाइवे 40 की स्थिति बहुत ही दयनीय है। सड़क जगह जगह से क्षतिग्रस्त है। स्टेट हाइवे होने के बावजूद भी सिंगल सड़क होने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रामदेवरा यात्रियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ती है। दो जिलों को जोड़ने वाला स्टेट हाइवे होने के बावजूद लंबे समय से इसका निर्माण कार्य अटका हुआ है।
-उम्मेदाराम बेनीवाल, रालोपा नेता

यह हाइवे 69 किमी हमारे परिक्षेत्र मे आता है। 38 किमी. का कार्य दो साल पहले करवाया था। 31 किमी की डीपीआर भेजी हुई है। लेकिन इस बार के सेंक्शन में आया नहीं है। यदि सड़क कहीं पर ज्यादा टूटी हुई है तो मरम्मत करवाएंगे। 15 सितंबर तक कुछ नहीं करेंगे। बारिश के बाद पेचवर्क का काम करवाएंगे।
-पीएम सिंगारिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, बायतु

कवास के मुख्य चौराहे पर पानी का भराव मामूली बारिश से फैल जाता है कीचड़

कवास | कस्बे सहित आसपास के कई गांवों में मंगलवार अल सुबह व दिन को चार बजे से बारिश हुई। सुबह से छाई काली घटाओं ने अच्छी बारिश की उम्मीद जगाई। वहीं पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं होने पर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया था। वही बारिश से किसानों के चेहरों की रौनक लौट आई। सुबह से उमस के कारण ग्रामवासी बेहाल थे।

दोपहर हुई बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। अल सुबह करीब एक घंटा बारिश होने के बाद शाम करीब चार बजे फिर से आधा घंटा तेज वर्षा हुई। इससे लोगों ने गर्मी व उमस से खासी राहत महसूस की। वहीं मुख्य बाजार सड़क मार्ग के साथ पुलिया के अंडरब्रिज में पानी भरने से पैदल व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजकीय विद्यालय के आगे, मुख्य चौराहा, बालाजी मंदिर के सामने, पीपली चौक समेत कई अन्य जगह सड़कों पर पानी से कीचड़ हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कवास के साथ आसपास नागाणा, माडपुरा बरवाला, भुरटिया, छितर का पार, बांदरा, आदर्श ढूंढा, उत्तरलाई, मूंढ़ों की ढाणी, कोसरिया, काऊ का खेड़ा, नागणेशिया ढूंढा, मंगनोणियों कुम्भारों की ढाणी, मातासर भुरटिया आदि मे बारिश होने से मौसम में ठंडक आ गई।

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