पूजा कड़वासरा ने कहा:असफलता का डर था, खुद को मजबूत कर रिस्क ली, सफलता मिली

बाड़मेरएक महीने पहले
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बाड़मेर की बेटी पूजा ने मॉडलिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। मॉडल पूजा कड़वासरा बाड़मेर की रहने वाली है और ग्रेजुएशन की पढ़ाई बाड़मेर में पूरी की। 2012 में पूजा की शादी होने के बाद भी उसने पढ़ाई जारी रखी। घर वालों ने उसे सरकारी नौकरी के लिए प्रेरित किया लेकिन पूजा का सपना मॉडल बनने का था। ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी पूजा ने पढ़ाई जारी रखने के लिए ग्रेजुएशन के बाद बीएड की और इसके बाद बॉटनी में मास्टर्स करने के लिए जोधपुर में पढ़ाई की।

मास्टर्स की डिग्री होने के बाद पीएचडी करने के लिए जयपुर चली गई। शुरू से ही फोटोशूट का शौक रखने वाली पूजा का यहां पर इनकी सहेलियों ने हौसला अफजाई किया। अप्रैल में ड्रीम हाउस प्रोडक्शन मिसेज सुपर मॉडल इंटरनेशनल के ऑडिशन जयपुर में हुए। इसमें पूजा का चयन हो गया। इसी तरह के ऑडिशन पूरे देश के अलग-अलग शहरों में हुए और दर्जनों युवतियों का चयन कर फाइनल 5 से 9 अक्टूबर को लखनऊ में हुआ। इस दौरान ज्यूरी द्वारा कई सवाल जवाब और फोटो, रैम्प वॉक सहित कई कैटेगरी में ऑडिशन हुआ। इसमें बाड़मेर की पूजा ने पूरे देश की मॉडल्स के बीच में दूसरा स्थान हासिल किया।

यह है मिसेज सुपर मॉडल इंटरनेशनल प्रतियोगिता
यह ड्रीम हाउस प्रोडक्शन की ओर से एक मॉडल्स के लिए प्रतियोगिता होती है। इसमें देशभर से चयनित मॉडल्स के लिए अलग-अलग निर्धारित कैटेगरी के सवाल-जवाब और अन्य प्रतियोगिताएं होती है। इसमें मॉडल्स की सुंदरता के साथ साथ उसके टैलेंट का भी आंकलन किया जाता है। इस संस्थान के जरिए चयनित मॉडल्स को विभिन्न टेलीविजन सीरियल, विभिन्न ब्रांड्स के लिए मॉडल, फैशन शो के लिए मॉडल्स को मौका मिलता है। इसका बॉलीवुड के कई प्रोडक्शन हाउस से कांट्रेक्ट है।

असफलता का डर हावी नहीं होने दिया, दोस्तों ने बढ़ाई हिम्मत

बचपन से ही मुझे सजने संवरने का शौक था। मेरी सहेलियां कहती थी कि मेरा चेहरा फोटोजेनिक है। जयपुर में पढ़ाई के दौरान मेरी सहेलियों ने ब्यूटी कांटेस्ट में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मॉडलिंग मेरा बचपन का सपना है, मेरी हार्दिक इच्छा थी कि मैं कुछ हटकर करुं ताकि मेरी अलग पहचान बन सके। गघर वालों की हमेशा यही इच्छा थी कि पढ़ाई करके सरकारी नौकरी मिल जाए। मुझे हमेशा परिवार के नाराज हाेने का डर और असफलता का भय रहता था लेकिन मैने इसके लिए रिस्क लेने का मन बनाया और सफल हो पाई। इसके लिए मेरी सहेलियों का हमेशा सहयोग रहा। वर्तमान में मैं जयपुर में बॉटनी में पीएचडी कर रही हूं और राष्ट्रीय स्तर की मॉडलिंग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद घर वालों ने भी मुझे बधाई दी। मैं बाड़मेर की बेटियों को संदेश देना चाहूंगी कि कठिनाइयों से घबराने की बजाय उनका मुकाबला करें, सफलता देरी से मिलेगी लेकिन मिलेगी अवश्य।-पूजा कड़वासरा, मिसेज सुपर मॉडल इंटरनेशनल प्रतियोगिता की उपविजेता

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