ऑक्सीजन प्लांट का हुआ ट्रायल:200 सिलेंडर क्षमता के डीआरडीओ के ऑक्सीजन प्लांट का हुआ ट्रायल

बाड़मेर2 महीने पहले
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बाड़मेर. ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए अस्पताल अधीक्षक। - Dainik Bhaskar
बाड़मेर. ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए अस्पताल अधीक्षक।

जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से आए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन(डीआरडीओ) के 200 सिलेंडर क्षमता के ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का ट्रायल सफल हाेने पर उसे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जाेड़ दिया गया है। प्लांट से आवश्यकता पड़ने पर वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा सकेगी। डीआरडीओ के 960 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता के प्लांट में ऑक्सीजन की न्यूनतम शुद्धता 93.5 प्रतिशत की हाेगी।

इसकी शुद्धता अधिकतम 98 से 99 प्रतिशत तक की हाे सकती है। ट्रायल के दाैरान इसकी शुद्धता काे 97 पर निर्धारित किया गया है। बिजली की खपत भी सामान्य ही रहेगी। प्लांट क्षमता के अनुरूप ऑक्सीजन उत्पादन के बाद स्वतः ही बंद हाेगा। ऑक्सीजन का प्रेशर कम हाेने पर शुरू हाे जाएगा। प्लांट फुली ऑटाे माेड पर चलेगा। अस्पताल अधीक्षक डाॅ. बीएल. मसूरिया ने बताया कि एमसीएच विंग में स्थापित किए यूआईटी के 50 सिलेंडर क्षमता के प्लांट का भी ट्रायल किया गया है।

इससे पहले मेडिकल एज्यूकेशन से आए 100 सिलेंडर क्षमता के यूएसए के पीसीआई प्लांट का भी ट्रायल किया गया है जो क्षमता के अनुरूप ऑक्सीजन उत्पादन कर रहा है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते नए स्वीकृत पांच प्लांट में से तीन का ट्रायल लिया गया है। एमसीएच विंग में स्थापित किए गए मेडिकल एज्यूकेशन के 102 ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता की मशीनरी व लाइट कनेक्शन किए गए है। इंजीनियर्स के आने पर उनका भी ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा।

100 सिलेंडर क्षमता के एचपीसीएल का प्लांट की मशीनरी का इलेक्ट्रिक वर्क व मशीनरी स्थापित कर दी गई है। उसमें अर्थिंग का कार्य हाेने के बाद उसे भी ट्रायल पर लिया जाएगा। अस्पताल में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए स्वीकृत पांच प्लांट के आने से अस्पताल की क्षमता 642 सिलेंडर उत्पादन की हाेगी। इधर, अस्पताल में पहले से एनएचएम की ओर से लगे 90 सिलेंडर क्षमता के प्लांट के टैंक में तकनीकी खराबी आने के बाद उससे लिए भी इंजीनियर्स काे रिपेयरिंग के लिए कहा गया है।

अस्प्ताल में छह प्लांटों से 642 सिलेंडर हाेगी उत्पादन क्षमता

1. 90 सिलेंडर क्षमता का पहले से स्थापित प्लांट। 2. 100 व 102 सिलेंडर क्षमता के मेडिकल एज्यूकेशन प्लांट। 3. 200 सिलेंडर का डीआरडीओ का प्लांट। 4. 50 सिलेंडर क्षमता का यूआईटी का प्लांट। 5. 100 सिलेंडर क्षमता का एचपीसीएल का प्लांट।

ऑक्सीजन सप्लाई के लिए नए मैनीफाल्ट रूम का सिविल वर्क पूरा

ऑक्सीजन वितरण के लिए 12-12 सिलेंडर क्षमता के मैनीफाॅल्ट रूम का सिविल वर्क भी पूरा हाे चुका है। इसमें भी जल्द ही मशीनरी स्थापित कर दी जाएगी। अस्पताल में मरीजाें काे ऑक्सीजन सप्लाई अब चार मैनीफाल्ट रूम से दी जा सकेगी। अस्पताल में पहले से सप्लाई के लिए तीन मैनीफाॅल्ट रूम है। इनमें 12-12 सिलेंडर, 8-8 व 4-4 सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है।

छह प्लांट में से चार काे फंक्शनल कर दिया गया है। डीआरडीओ के प्लांट का ट्रायल सफल हाेने पर उसे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जाेड़ दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर सप्लाई वार्डाें में दी जा सकेगी। मेडिकल एज्यूकेशन के 102 व एचपीसीएल के 100 क्षमता के प्लांट का इंस्टालेशन कर दिया गया है, जल्द ही ट्रायल लिया जाएगा। एनएचएम के प्लांट में तकनीकी खराबी के लिए भी इंजीनियर काे सूचित किया गया है। अस्पताल में मरीजाें के लिए ऑक्सीजन की कमी नहीं हाेगी। मैनीफाॅल्ट रूम का सिविल वर्क भी पूरा कर लिया गया है।- डाॅ. बीएल. मसूरिया, अधीक्षक, जिला अस्पताल।

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