प्रेस वार्ता:बाड़मेर विधायक के दबाव में आकर एसडीएम व आयुक्त ने गलत रिपोर्ट दी :पूर्व सांसद कर्नल

बाड़मेरएक महीने पहले
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मेरा आवास उत्तरलाई रोड पर है, इसका निर्माण भी मैंने करवाया है। यहां मेरे आवास के आगे 25 साल से 20 फीट सड़क थी। जो बाड़मेर विधायक के दबाव में आकर एसडीएम व आयुक्त ने गलत रिपोर्ट तैयार कर सड़क पर कब्जा करवा दिया है। मेरे व मेरे आसपास में रहने वाले लोगों के साथ अन्याय है। यह बात पूर्व सांसद कर्नल सोना राम चौधरी ने रविवार को पत्रकार वार्ता में कहीं। उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1998 में पुष्पादेवी पत्नी रतनलाल के नाम एसडीएम बाड़मेर ने पट्टा जारी किया था।

जिसमें उस समय 15 फीट का रास्ता बताया गया, जो बाद में नगर परिषद ने पट्टा विलेख जारी कर विभागीय नियमों के अनुसार 20 फीट रास्ता बताकर पट्टा विलेख जारी किए। उसके बाद भी वर्ष-2008 में एक अन्य भूखण्ड के पट्टे में 20 फीट सड़क दर्शाई गई है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने 2017 में ले-आउट प्लान बनाया। जिसको ले-आउट प्लान समिति की बैठक 4 मई 2017 के एजेंडा 1 की ओर से अनुमोदित हो चुका है और उक्त कॉलोनी के नियमन की स्वीकृति एम्पावर्ड समिति की बैठक से स्वीकृति हो चुकी है। उस वक्त भी उक्त रास्ते की भूमि की चौड़ाई 20 फीट दर्शाई गई है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल पुत्र भंवरलाल निवासी हमीरपुरा ने नगर परिषद की ओर 2013 में जारी पट्टा बताकर उपरोक्त पट्टे का भूखण्ड बेचान 7 जून 2022 को मनोहरसिंह पुत्र मूलाराम को कर दिया। उन्होंने कहा कि उपरोक्त पट्टे का भूखण्ड सी ब्लॉक के भूखण्ड संख्या 2 से 11 मौके पर 1 व 12 के बाद आना चाहिए जो मौके पर मौजूद नहीं है। इससे यह प्रतीत हो रहा है कि नगर परिषद की ओर से जारी पट्टा भी फर्जी है। इसलिए मनोहरसिंह ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना भू-खण्ड पूरा करने के लिए 20 फीट की सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया है। पूर्व सांसद ने कहा कि मनोहर ने जब भवन निर्माण स्वीकृति मांगी तो नगर परिषद ने पांच दिन का समय देते हुए एक आपत्ति सूचना जारी की, जब मेरे व अन्य पड़ोसियों ने आपत्ति दर्ज करवाई फिर भी नगर परिषद आयुक्त ने सुनवाई नहीं करते हुए उन्हें तीन दिवस में भवन निर्माण स्वीकृति जारी कर दी। उन्होंने आयुक्त पर भष्ट्राचार के आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जो आदमी जेल गया, उसे आयुक्त लगा दिया। उन्होंने विपक्ष की चुप्पी पर कहा कि यह मिले हुए है, शाम को नमस्कार करने जाते है। पूर्व सांसद ने कहा कि 20 फीट गली के पास 16 फीट जमीन का भूखण्ड था, जो मैंने तीन साल पहले लेना तय किया था, जिसकी साई 50 हजार तन सिंह चौहान के जरिए दी थी। लेकिन वह मुकर गया। क्योंकि बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन का बाबूलाल नजदीकी रिश्तेदार है, इसलिए कर्नल को सीधा करने के लिए मेरे भाई को यह भूखण्ड दिया है। मैने विधायक को फोन करके कहा कि यह गलत है, जो आप कारनामे कर रहे है। समय है, कब किसका होगा। उन्होंने कहा कि मैं न्यायालय गया हूं, जहां से मुझे स्टे भी मिल गया है। ^हमारे भूखण्ड का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते है। कोर्ट का फैसला सर्वोपरि होगा, जो सभी को स्वीकार करना होगा। कोर्ट व सरकार के आदेश व स्वीकृति पर निर्माण कार्य हो रहा है। - मनोहरसिंह चौधरी

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