पाक महिला एजेंट के हनी ट्रैप में फंसा रामसिंह:एक साल से ISI के संपर्क में था, सेना से जुड़ी जानकारी बॉर्डर पार भेजी,

बाड़मेरएक महीने पहले
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जासूस रामसिंह। - Dainik Bhaskar
जासूस रामसिंह।

बाड़मेर में एक बार फिर बॉर्डर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करने के मामले में चूरू जिले से खुफिया एजेंसियों ने एक पाक महिला एजेंट के हनी ट्रेप में फंसे बाड़मेर के जासूस को गिरफ्तार किया है। बाड़मेर में पिछले 7 सालों में बीएसएफ जवान से सहित करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग जासूसी के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। इन लोगों ने सेना से जुड़ी जानकारी को लीक कर इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान में बैठे लोगों तक भेजा था। अब ऑपरेशन सरहद के तहत सीआईडी इंटेलीजेंस ने बाड़मेर से सटे भारत-पाक बॉर्डर तारबंदी के पास रहने वाले रामसिंह को गिरफ्तार किया है।

देश की सामरिक सूचनाएं हैंडलर के जरिए पाकिस्तान की आईएसआई एजेंसी को भिजवाने के मामले पकड़े गए बाड़मेर के बिजराड़ थाना क्षेत्र के उम्मेदपुरा निवासी रामसिंह से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही है। रामसिंह चूरू जिले के रतनगढ़ में गत्ते की फैक्ट्री में काम करता था। वह ममेरे लड़के की शादी में शामिल होने के लिए एक महीने 10 दिन की छुट्टी लेकर गया था। फैक्ट्री मैनेजर रघुवीरसिंह के अनुसार उक्त युवक पिछले पांच-छह महीनों से फैक्ट्री में काम कर रहा था।

बता दें कि राज्य विशेष शाखा जयपुर की टीम व सीआईडी श्रीगंगानगर ने 25 से 28 जून तक श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व चूरू में चलाए गए ऑपरेशन सरहद अभियान के अंतर्गत 27 जून को रामसिंह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में पाए जाने पर अपने साथ ले गई। बाड़मेर के बिजराड़ थाना क्षेत्र के उम्मेदपुरा का निवासी रामसिंह चूरू जिले के रतनगढ़ में फैक्ट्री में काम करता है। वह करीब एक साल से आईएसआई के संपर्क में था।

बॉर्डर से दो किमी. दूर है रामसिंह का घर, रुपए के लालच में सुरक्षा से जुड़े फोटो और वीडियो भेजे
इंटेलीजेंस इनपुट के अनुसार रामसिंह का गांव बाड़मेर का उम्मेदपुरा करीब साै-डेढ़ साै घराें का है जाे कि बॉर्डर से महज दाे किमी की दूरी पर है। उसकी फेसबुक प्रोफाइल से लोकेशन जानकारी ले आईएसआई महिला एजेंट ने हनी ट्रैप में फंसा लिया। रामसिंह ने भारत-पाक बॉर्डर पर स्थिति बॉर्डर आउट पोस्ट व सीमावर्ती क्षेत्र की सामरिक महत्व की जानकारी, फोटोग्राफ और वीडियो पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई से साझा किया जाना व उसके बदले में धनराशि प्राप्त करना स्वीकार किया है।

सोशल मीडिया के माध्यम से लालच देकर पहले फंसाते हैं, फिर ब्लैकमेल कर सूचनाएं मांगते हैं
सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जुड़े लोगों को पाक आईएसआई एजेंसी व्यक्तिगत मैसेज करती है। फिर उन्हें लालच देती है। व्हाट्सएप पर कॉलिंग भी आती है। इसी झांसे में कई लोग फंस जाते है। इसके बदले में आईएसआई उन्हें रुपए भी देती है। इसी लालच में कई लोग फंस जाते हैं। कई लोगों को हनी ट्रेप के मामले में भी पाक जासूसी की महिलाएं पहले फंसाती है और फिर उन्हें ब्लैकमेल करती है।

7 सालों में करीब आधा दर्जन जासूस गिरफ्तार

  • 12 जनवरी 2016: पंजाब के तारडताल निवासी बीएसएफ हेड कांस्टेबल प्रेमसिंह को बाड़मेर के सटे अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर से तस्करी के मामले में लिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कई संगीन राज भी खुले थे। बॉर्डर पार से आई हेरोइन सहित कई मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्तता सामने आई थी।
  • 2 जून 2017: सुरक्षा एजेंसियों ने दीने खां तालसर व बाड़मेर शहर निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। इन दिनों ने इंटरनेट के जरिए सेना से जुड़ी जानकारी पाक आईएसआई को भेजी थी। इसके लिए इन्हें रकम मिली थी।
  • 24 अक्टूबर 2020: सीमावर्ती बीजराड़ थाना क्षेत्र के रोशनदीन को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उसकी लिप्तता नकली नोट व अन्य मामलों में सामने आई थी। जासूस के तार भी उन्हीं लोगों से जुड़े है।
  • 27 अगस्त 2020: सुरक्षा एजेंसियों ने मुश्ताक अली को गिरफ्तार किया था। बॉर्डर व सेना से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेजी थी।
  • 9 सितंबर 2020: पाकिस्तानी के लिए जासूसी के मीरा खान को इंटेलिजेंस ने गिरफ्तार किया था। जासूसी के मामले में पहले गिरफ्तार हुए मुश्ताक अली का सहयोगी था। मीरा खां ही सूचनाएं भेजने के बदले जासूस मुश्ताक अली को पैसे देता था।
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