स्ट्रेस में थी, इसलिए MBBS छात्रा ने किया सुसाइड:पढ़ाई को लेकर टेंशन लेती थी; फोन कर घर के हर सदस्य का हाल जाना था

बाड़मेर5 महीने पहले

MBBS सेकेंड ईयर की स्टूडेंट सुनीता मीणा (19) परीक्षा को लेकर स्ट्रेस में थी। इसलिए उसने सोमवार शाम सुसाइड कर लिया। वह पढ़ाई को लेकर बहुत तनाव में रहा करती थी। दोस्तों, परिवार वालों के समझाने के बावजूद वह परेशान रहा करती थी। शुरुआती जांच में कुछ ऐसी ही जानकारी सामने आ रही है। 3 दिसंबर को ही वह अपने घर झुंझुनूं से बाड़मेर मेडिकल कॉलेज आई थी। उधर, मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कराकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। पिता कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं।

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के इसी कमरे में सुनीता का शव मिला था।
बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के इसी कमरे में सुनीता का शव मिला था।

गर्ल्स हॉस्टल में पंखे से लटका मिला शव
बाड़मेर मेडिकल कॉलेज की सेकेंड ईयर की स्टूडेंट सुनीता मीणा की सुसाइड के बाद पूरा कॉलेज सदमे में है। गर्ल्स हॉस्टल के रूम नंबर-2 में सोमवार शाम पंखे के हुक से लटका सुनीता का शव मिला था। मंगलवार को परिवार वाले झुंझुनूं से बाड़मेर पहुंच गए थे। न पिता कुछ बोल पाने की स्थिति में हैं और न ही MBBS में साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट। साथ बैठकर लंच और डिनर करनेवाली गर्ल्स की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। पिता के दिल पर गहरी चोट लगी है। वे खुद को संभाल नहीं पा रहे। सुसाइड से कुछ घंटे पूर्व फोन पर बात करने वाले पिता बस इतना बोल पा रहे हैं- वो तो एकदम नॉर्मल लग रही थी। ऐसा कौन सा विश्वास था, जो उसे साबित करके दिखाना था। एग्जाम का तनाव भी कोई इतना ले सकता है क्या भला।

ढाई बजे 3 मिनट बात की, एग्जाम की चिंता थी

मॉर्च्यूरी में पोस्टमॉर्टम के दौरान पिता कुछ संभल पाने की स्थिति में आए। बोले- ढाई बजे तो उसका (सुनीता) फोन आया ही था। बोल रही थी, पापा आप कैसे हैं? मैं बिल्कुल ठीक हूं। थोड़ा एग्जाम को लेकर चिंता थी। दो से तीन मिनट तक बात हुई। ऐसा कोई अहसास ही नहीं हुआ कि वो ऐसा भयानक कदम भी उठा सकती है। वो तो परिवार के हर सदस्य के बारे में पूछ रही थी। पता नहीं, इसका मतलब क्या था? क्या वो जानती थी कि कुछ घंटे बाद वह नहीं रहेगी। पता नहीं, ये क्या हो गया? सुनीता के परिजनों ने बताया कि वह शादी में झुंझुनूं आई ही थी। बहुत खुश थी। खूब एंजॉय किया।

बात-बात पर टेंशन लेने लगती थी

कॉलेज में साथ रहने वाली प्रियंका यादव ने बताया कि एग्जाम जनवरी में है। सोमवार को कॉलेज स्तर पर प्री टेस्ट चल रहे थे। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे हम दोनों ने साथ में खाना खाया था। उस समय सुनीता बोल भी रही थी। जनवरी में एग्जाम है और सिलेबस बहुत ज्यादा है। बात-बात पर पढ़ाई को लेकर टेंशन लेती थी। हम कई बार बोलते भी थे, इतनी ज्यादा टेंशन मत ले। पढ़ लेंगे। पता नहीं, वो इतना टेंशन क्यों लेती थी? अच्छी खासी थी, चली क्यों गई।

जब तक रूम तक पहुंचे, देर हो चुकी थी

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके आसेरी ने बताया कि सुनीता अच्छी स्टूडेंट थी। पढ़ाई को लेकर स्ट्रेस ज्यादा लेती थी। हमें शाम 7 बजे के बाद में पता लगा कि सुसाइड कर लिया है। हम दौड़कर रूम तक पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ऐसा अनुमान है कि शाम 4:30 बजे के आसपास ही उसने सुसाइड कर लिया था। कॉलेज की ओर से पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया है। उसी आधार पर पुलिस सुसाइड नोट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच करेगी।

सुनीता के साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट‌्स एक-दूसरे को संभालते हुए।
सुनीता के साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट‌्स एक-दूसरे को संभालते हुए।

​​​​​भाई भी MBBS स्टूडेंट

सुनीता पढ़ाई में शुरू से ही इंटेलिजेंट थी। पहले अटेम्ट में उसका सिलेक्शन हो गया था। उसका भाई भी मणिपुर से MBBS कर रहा है। और भी बहनें हैं, जो भाई के साथ ही रहकर पढ़ाई कर रही हैं। पिता रेलवे में हैं। पोस्टिंग जोधपुर में है।

फूल चढ़ाए

कॉलेज परिसर में दर्शन के लिए रखी सुनीता की बॉडी के सामने हर किसी की आंखें डबडबा उठी थीं। साथ पढ़ने वाली गर्ल्स लड़खड़ाते पांवों से, एक-दूसरे को पकड़कर आगे आ रही थीं। बॉडी पर फूल अर्पित करती रहीं। उन्हें संभालने के लिए साथ की स्टूडेंट्स एक-दूसरे का सहारा बनती रहीं। कॉलेज स्टाफ ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। स्टूडेंट्स रोने लगे तो स्टाफ ने भी उन्हें संभाला। बैठाया। पानी पिलाकर हालात सामान्य करने की कोशिश की।

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज की स्टूडेंट ने किया सुसाइड:सुसाइड नोट में लिखा- SORRY मम्मी-पापा, मैं आपके विश्वास पर खरा नहीं उतर पाई, अपना ख्याल रखना

खबरें और भी हैं...