जीव रक्षा:महिलाओं की सूझबूझ से चिंकारे को शिकारियों से बचाया

बाड़मेरएक महीने पहले
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महिलाओं द्वारा सुरक्षित बचाए गए  चिंकारा। - Dainik Bhaskar
महिलाओं द्वारा सुरक्षित बचाए गए चिंकारा।

चाडार गांव में वांकलसर बस्ती सरहद में अज्ञात शिकारियों द्वारा तार का फंदा लगाकर शिकार की कोशिश की गई। रविवार शाम गोदारों की ढाणी के पास धोरों में चिंकारे के चीखने की आवाज सुनाई दी। नजदीकी घर से महिला लहरों देवी और राधा देवी रात को टॉर्च की रोशनी के सहारे मौके पर पहुंची। शिकारियों को भनक लगते ही अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब हो गए।

महिलाओं ने आधा किलोमीटर दूर सुनसान जगह में जाकर देखा तो तार के फंदे में चिंकारा फंसा हुआ तड़प रहा था। दोनों महिलाओं ने घायल चिंकारे को तार के फंदे से निकाल कर अपने घर ले आए। वन्य जीव प्रेमी गेनाराम चौधरी द्वारा घटना की सूचना मिलने पर जम्भेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था मीडिया प्रभारी भंवरलाल भादू ,पर्यावरण प्रेमी पीराराम धायल, हीरालाल गोदारा, अर्जुनराम खिलेरी रेस्क्यू वाहन लेकर चाडार गांव पहुंचे।

संस्था के पदाधिकारियों ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और शिकारियों का पता लगाने के लिए चाडार गांव में डेरा डाले हुए है, लेकिन शिकारियों का सुराग नहीं लगा। वहीं उम्मेदाराम चौधरी परिवार ने करीब 1 माह पहले कुत्तों के चंगुल से चिंकारे मुक्त करवा जान बचाई। सोमवार को दोनों चिंकारों को उपचार के लिए संस्था पदाधिकारियों को सुपुर्द किया।

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