• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Barmer
  • Yoga Message: Idols Of 12 Postures Of Surya Namaskar Installed On Vivekananda Circle Of The City, Giving Lessons Of Tadasana With Salutation

शहरवासियों को योग के लिए प्रेरित करने की पहल:योग संदेश: शहर के विवेकानंद सर्किल पर सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं की मूर्तियां लगाई, प्रणाम से ताड़ासन की दे रहे सीख

बाड़मेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो: ठाकराराम मेघवाल - Dainik Bhaskar
फोटो: ठाकराराम मेघवाल

भाग-दौड़ के इस जीवन में आमजन को निराेग रहने के लिए अपनी जीवनशैली की दिनचर्या में योग को शामिल करना जरूरी हो गया है। मानव के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए योग जरूरी है। शहर में भी योग के प्रति जागरूकता लाने के मकसद से नगरपरिषद की ओर से स्वामी विवेकानंद सर्किल पर सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं में 12 मूर्तियां लगाई गई है। याेग भारतीय संस्कृति की विरासत है। आमजन को योग के प्रति जागरूक करने के लिए सर्किल पर सूर्य नमस्कार की 12 मूर्तियों का निर्माण करवाया गया है। यह मुद्राएं योगासन में सबसे महत्वपूर्ण मानी गई है।

1. प्रणाम आसन: इसे करने में सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाएं नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं।

2. हस्तनुनासन: गहरी सांस भरें व हाथों को ऊपर उठाएं। अब हाथ व कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं अौर गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं।

3. हस्तपाद आसन: बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे झुके। अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए जमीन को छुएं।

4. अश्व संचालन असान: हथेलियों को जमीन पर रखकर सांस लेते हुए दांए पैर को पीछे लें व बाएं पैर को घुटनों की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखंे। गर्दन को ऊपर उठाएं।

5. दंडासन: सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ जमीन पर सीधे रखें।

6. अष्टांग नमस्कार: हथेलियां व घुटने जमीन पर टिकाएं व सांस छोड़ें। कूल्हों को पीछे ऊपर उठाएं और छाती व ठुड्डी को जमीन से छुलाते हुए इसी स्थिति में रहें।

7. भुजंग असान: धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए छाती को आगे लाएं। हाथों को जमीन पर सीधा रखें, गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और पंजों को सीधा खड़ा रखें।

8. अधोमुखश्वनासन: इसी स्थिति में फिर से सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को पीछे ले जाएं, हाथों को आगे की तरफ जमीन पर लगाएं व गर्दन को झुकाएं।

9. अश्वसंचालन आसन: हथेलियों को जमीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे ले जाएं व बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुुए ऊपर रखें। गर्दन ऊपर उठाएं।

10. हस्तपाद आसन: इस आसन में अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए नीचे जमीन की तरफ लाएं और जमीन से स्पर्श करें।

11. हस्तउत्थान आसन: गहरी सांस भरें व दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झ़ुकाएं।

12. ताड़ासन: अब इस आखिरी आसन में धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को सीधा करें और दोनों हाथों को नीचे लाएं।

कंटेंट: कैलाश चौधरी

खबरें और भी हैं...