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रेमडेसिविर का स्टीकर एंटीबायोटिक पर चस्पा कर रहे थे जालसाजी:बाड़मेर का युवक चला रहा था वडोदरा के फार्म हाउस में नकली रेमडेसिविर बनाने की फैक्ट्री, 2200 नकली इंजेक्शन पकड़े

बाड़मेर/वडोदरा6 महीने पहले
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कोरोना के इलाज में प्रभावी समझे जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की तंगी का फायदा उठाने के लिए जालसाज भी सक्रिय हो गए हैं। गुजरात पुलिस ने ऐसे ही जालसाजों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर 2200 से अधिक नकली रेमडेसिविर जब्त किए हैं। वडोदरा मे पुलिस ने एक फॉर्म हाउस में न्यूमोनिया के इलाज में उपयोगी एंटीबायोटिक पर नकली रेमडेसिविर का स्टीकर चस्पा करने की फैक्ट्री पकड़ी।

इस क्रम में आणंद में एक मेडिकल स्टोर संचालक सहित चार आरोपी पकड़े। इन सबसे 2200 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए हैं। वडोदरा पुलिस ने बाड़मेर मूल के विवेक महेश्वरी (अब वडोदरा), नईमबेन वोरा-मेडिकल संचालक (आणंद) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2200 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए हैं। बुधवार को 5 व्यक्ति रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए थे। इनसे इस नेटवर्क का सुराग मिला। इन आरोपियों का जाल अहमदाबाद-वडोदरा-आणंद सहित पूरे राज्य में फैले होने की आशंका है।

बाड़मेर का है विवेक महेश्वरी, नितेश जोशी अहमदाबाद पुलिस का है वांछित, फरार

मूलत: बाड़मेर का विवेक घनश्याम महेश्वरी फॉर्मासिस्ट है। वहीं दूसरा आरोपी नितेश जोशी अहमदाबाद का है। इन दोनों ने ही ये गोरखधंधा शुरू किया था। करीब पंद्रह दिन पहले थर्मल गन खरीदते समय आरोपी नीतेश जोशी और विवेक महेश्वरी इकट्ठे हुए थे। जहां रेमडेसिविर इंजेक्शन की तंगी में मुनाफा काटने का षडयंत्र बनाया। इस तरह नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने का षडयंत्र बनाया। आरोपियों ने वडोदरा के राघवपुर मे फॉर्म हाउस किराए पर लिया।

विवेक महेश्वरी चांगोदर-अहमदाबाद से एंटीबायोटिक (100 रुपए में ) खरीदता था। नितेश जोशी पैकेजिंग मटेरियल और स्टीकर लाता था। दोनों मिल कर नकली इंजेक्शन तैयार करके अपने फॉर्मासिस्ट संपर्कों का उपयोग कर बाजार मे खपाने लगे। ऊंचा कमीशन भी ऐंठते थे। आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। विवेक ने 12वीं के बाद फॉर्मेसी की पढ़ाई की। आणंद में 18 वर्ष रहने के बाद चार वर्ष पहले ही वडोदरा आया था।

आणंद में 10 वर्ष से डी के मेडिकल एजेंसी नाम से मेडिकल स्टोर चलाता था। 10 दिन पहले ही आरोपी ने अहमदाबाद के नितेश जोशी से मिलने के बाद नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाना तय किया था। इन दोनों ने राघवपुरा में एक फॉर्म हाउस में ठिकाना बनाया। ये फॉर्म हाउस किराए पर लिया -जहां न्यूमोनिया के इलाज मे प्रयुक्त होने वाले एंटीबायोटिक खरीद कर लाते थे उस पर रेमडेसिविर का स्टीकर चस्पा कर बढ़ी कीमत पर बाजार मे बेच रहे थे। नितेश जोशी को वडोदरा पुलिस तलाश कर रही है।

बिचौलियों ने 16 से 20 हजार रुपए तक में बेचे नकली इंजेक्शन

नईमबेन हनीफभाई वोरा की पुत्रवधू फॉर्मेसी पढ़ी है। आणंद में एक मेडिकल स्टोर शुरू किया था। पुत्रवधू गर्भवती होने पर मेडिकल स्टोर नईमबेन वोरा बैठती थी। जहां डी के एजेंसी चलाने वाला विवेक महेश्वरी दवाइयों की सप्लाई के लिए आता था। नईमबेन वोरा और विवेक महेश्वरी के बीच पहचान हुई। आणंद के जयमन एजेंसी जतिन पटेल को इंजेक्शन की जरूरत पड़ी, उसने नईमबेन वोरा से संपर्क साधा। उसने विवेक महेश्वरी का संपर्क करवाया। नईमबेन वोरा ने एक इंजेक्शन पर 200 रुपए का कमीशन तय किया था।

अहमदाबाद में 700 और आणद व वडोदरा में नकली 370 इंजेक्शन बेचे

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अहमदाबाद में 700 और आणद-वडोदरा मे 370 नकली इंजेक्शन बेच दिए । 150 रुपए के एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर नकली स्टीकर चस्पा लगा कर 4000 रुपए में बेचते थे। बिचौलिए अपने कमीशन लगा कर 16 से 20 हजार में बेचते थे। आणद,वडोदरा और अहमदाबाद में इन लोगों के नेटवर्क ने 1160 इंजेक्शन बेच दिए। जबकि 2200 इंजेक्शन पुलिस ने जब्त कर लिए।

दूसरी ओर अहमदाबाद पुलिस ने भी ऐसे ही एक नेटवर्क का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है । इनमें वडोदरा पुलिस में वांछित बताया गया नितेश भी शामिल है। अन्य छह आरोपियों में पाली का शक्तिसिंह भवानी सिंह रावत भी शामिल है। ये मूलत: नहारपुरा-रायपुर-पाली का है,अहमदाबाद में कोचरब में रहता है। इन आरोपियों से 133 इंजेक्शन जब्त हुए हैं।

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