भत्ते के बदले नियम:युवा 23 विभागों के काम में हाथ बटाएंगे ताे ही मिलेगा बेरोजगारी भत्ता‎

बाड़मेरएक महीने पहले
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‎स्नातक पास घर बैठे बेरोजगारी‎ भत्ता पाने वाले हजारों बेरोजगार युवाओं काे 1 जनवरी से‎ रोज चार घंटे सरकारी ऑफिस में‎ काम करना पड़ेगा। - Dainik Bhaskar
‎स्नातक पास घर बैठे बेरोजगारी‎ भत्ता पाने वाले हजारों बेरोजगार युवाओं काे 1 जनवरी से‎ रोज चार घंटे सरकारी ऑफिस में‎ काम करना पड़ेगा।

‎स्नातक पास घर बैठे बेरोजगारी‎ भत्ता पाने वाले हजारों बेरोजगार युवाओं काे 1 जनवरी से‎ रोज चार घंटे सरकारी ऑफिस में‎ काम करना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने‎ वालों को अब मुक्त में राज्य‎ सरकार भत्ता नहीं देगी।‎ दरअसल, प्रदेश में बेरोजगारी‎ बढ़ने के‎ साथ ही सरकार ने ग्रेजुएट‎‎ बेरोजगारों को भत्ता देने की शर्तों‎‎ को सख्त कर दिया है। बेरोजगारी‎‎ भत्ता लेने के लिए सरकारी‎‎ ऑफिस/सरकारी योजना में रोज‎‎ इंटर्नशिप के तौर पर 4 घंटे काम‎‎ करना होगा।

यह व्यवस्था एक‎‎ जनवरी से लागू होगी। श्रम,‎ कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता‎ विभाग ने 23 विभागों की सूची‎ ‎ जारी की है, जहां भत्ता पाने वाले‎ बेरोजगारों को रोज 4 घंटे ड्यूटी‎ देनी होगी और‎ अधिकारी-कर्मचरियों का सहयोग‎ करना होगा। इसके साथ‎ ही‎ राजस्थान स्किल डेवलपमेंट‎‎ कॉर्पोरेशन से 3 महीने का कोर्स‎ भी‎ करना होगा। इसके बिना भत्ता‎ नहीं‎ मिलेगा।

प्रोफेशनल कोर्स कर‎ चुके‎ बेरोजगार युवाओं को तीन‎ महीने के‎ स्किल डेवलपमेंट कोर्स‎ से छूट‎ रहेगी। हर साल एक अप्रैल से 30‎ जून तक रोजगार पोर्टल पर‎ आवेदन लिए जाएंगे। यहां रजिस्टर्ड‎ बेरोजगारों का भत्ते के लिए जुलाई‎ में चयन होगा।‎

3 माह की इंटर्नशिप बीच में छोड़ी तो बंद हो जाएगा‎ ‎: अब बेरोजगारी भत्ते के लिए‎ आवेदकों काे ट्रेनिंग कराने के‎ लिए उनकी डिग्री के अनुसार‎ काेर्स तैयार किए जाएंगे। जनवरी‎ से मुख्यमंत्री युवा संबल‎ याेजना- 2021 में भत्ते में एक‎ हजार की बढ़ोतरी के बाद से‎ पुरुषों काे 4 हजार और महिला‎ व विशेष योग्य जनों काे 4500‎ रुपए मिल रहा है। बेरोजगारों को‎ सरकार इंटर्नशिप के लिए‎ ऑफिस अलॉट करेगी। इंटर्नशिप‎ बीच में छोड़ने पर भत्ता भी बंद‎ हो जाएगा। ‎

रिपाेर्ट : 55 ‎% ग्रेजुएट्स‎ के पास नौकरी नहीं

प्रदेश के 55 प्रतिशत ग्रेजुएट्स के‎ पास नौकरी नहीं है। राजस्थान की‎ बेरोजगारी में देश में दूसरे स्थान पर‎ है। यहां दर 26 प्रतिशत से ज्यादा‎ है, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा‎ 36 प्रतिशत है।

इन प्रोफेशनल कोर्स में स्किल डवलपमेंट ट्रेनिंग से छूट : एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग,‎ जीएनएम, एएनएम, बीफार्मा, बीएड, बीटेक, एमटेक, बीसीए, एमसीए, आईटीआई, डिप्लोमा आदि‎ को प्रोफेशनल कोर्स में शामिल किया है। इन्हें स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होगी।‎

यह वो 23 विभाग, जहां ‎शिक्षक, पटवारी, डॉक्टर के काम में करेंगे सहयोग
1. राजस्व विभाग में पटवारी की सहायता,‎ लिपिकीय व अन्य कार्य, 2. कृषि व‎ बागवानी विभाग में याेजना का प्रसार या‎ कृषक सहायता, 3. पशुपालन विभाग में‎ याेजना का प्रसार व पशुधन सहायता, 4.‎ आयुर्वेद विभाग में चिकित्सा कंपाउंडर‎ सहायता, 5. सर्किट हाऊस में रिसेप्शनिस्ट‎ हाउस कीपिंग, 6. सहकारी विभाग ग्राम सेवा‎ सहकारी समिति कृषि ऋण में‎ सहयाेग, 7. शिक्षा विभाग में प्राथमिक,‎ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाने, 8. तकनीकी‎ शिक्षा विभाग पाेलिटेक्निक, आईटीआईटी में‎ अध्यापन, 9. रोजगार विभाग कॅरियर‎ काउंसलिंग में सहायता, 10. जलदाय विभाग‎ का कार्य, 11.‎ सार्वजनिक निर्माण विभाग बी-टेक द्वारा‎ पर्यवेक्षण, 12. वन विभाग पौधरोपण‎ ‎ पर्यवेक्षण, नर्सरी वन सुरक्षा, 13. गृह रक्षा‎ विभाग में होमगार्ड सहायता, 14. उद्योग‎ विभाग में रोजगार योजनाओं में सहयोग, 15.‎ सूचना प्रौद्योगिक विभाग में सूचना सहायक‎ की सहायता, 16. महिला एवं बाल विकास‎ विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका, आशा की‎ सहायता, 17. श्रम विभाग में श्रमिक‎ सहायता आदि कार्य कर सकेंगे।

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