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मरम्मत कार्य:70 दिन के क्लोजर के बाद भी ठेकेदारों ने काम अधूरा छोड़ा, फिर भी नहर में पानी की सप्लाई शुरू

नोख8 दिन पहले
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इंदिरा गांधी नहर की साफ सफाई के साथ साथ मरम्मत कार्य किए जाने के लिए 70 दिनों का नहर का क्लोजर लिया गया था। इसके कारण पूरी शहर खाली हो गई। नहर खाली होने के साथ ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई नहर सामने आई तो कई स्थानों पर सीमेंट पूरी तरह से टूट और उखड़ी हुई दिखाई दी।

नहर क्लोजर के दौरान नहर विभाग द्वारा नहर की मरम्मत कार्य का टेंडर भी हुआ। लेकिन इन दिनों नहर के ठेकेदार द्वारा क्लोजर के दौरान की गई लापरवाही कभी भी नहर विभाग पर भारी पड़ सकती है।

ठेकेदार की लापरवाही से एक किलोमीटर में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है नहर

इंदिरा गांधी मुख्य नहर में 70 दिनों के लिए क्लोजर लिया गया। उस दौरान जोधपुर लिफ्ट व राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल भी है जो की मुख्य नहर के 1109 आरडी से निकलती है। जोधपुर के सैकड़ों गांवों को पानी की सप्लाई कर हजारों लोगों की प्यास बुझाती है।

नहरबंदी के दौरान लिफ्ट केनाल नहरों की सफाई व मरम्मत का कार्य का भी टेंडर प्रक्रिया से संबंधित विभाग द्वारा ठेका पद्धति के दौरान जोधपुर लिफ्ट केनाल का टेंडर भी दिया गया था। उस दौरान नहर की साफ-सफाई व मरम्मत का कार्य होना था। लेकिन संबंधित विभाग के ठेकेदारों द्वारा अपनी मनमर्जी के चलते कई जगहों पर मरम्मत कार्य करवाया तो कई जगहों को बिना मरम्मत के ही पानी छोड़ दिया।

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