प्रशिक्षण:कृषि वैज्ञानिकों ने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ कृषि शिक्षा एवं जल के समुचित प्रबंधन की दी जानकारी

पोकरण10 महीने पहले
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  • पढ़ाई के साथ कृषि कार्यों की जानकारी होनी चाहिए: डॉ. चारू

शुष्क एवं अति शुष्क क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ साथ कृषि शिक्षा एवं जल के समुचित प्रबंधन की समय के साथ महती आवश्यकता है। शहर स्थित करणी विधा मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र एवं छात्राओं के साथ स्वच्छता पखवाड़ा के तहत स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविधालय, बीकानेर से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण द्वारा जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश मीणा ने स्कूल के छात्र एवं छात्राओं की दिलचस्पी को कृषि शिक्षा से जोड़कर खेती की दिशा में प्रेरित किया। ताकि वे इस क्षेत्र में अपनी रुचि विकसित कर देश की कृषि में विकास कर सकें। उन्होंने भविष्य में कृषि शिक्षा के उपयोग, महत्व एवं इसमें रोजगार की अपार संभावनाएं आदि पहलू पर गहन परिचर्चा की। इसी कड़ी में केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. चारु शर्मा ने छात्रों को पढाई के साथ साथ कृषि कार्यो, बागवानी, किचन गार्डन, जल संग्रहण, कूड़ा करकट प्रबंधन इत्यादि में अपना योगदान करने का आह्वान किया।

उन्होंने छात्रों को गृह विज्ञान विषय को अपनाकर क्षेत्र में उपलब्ध फसलों, फलों एवं सब्जियों के अनुसार मूल्य संवर्धन करके और कृषि आधारित उपक्रम लगाकर रोजगार के दरवाजे खोलने पर जोर दिया। इस अवसर पर पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.राम निवास ढाका ने बताया कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी कृषि क्षेत्र को टेक्नोलॉजी से जोड़ने में कामयाब हो रही है इसलिए मुनाफे के साथ कृषि क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने छात्रों में साफ़ सफाई एवं स्वच्छता की सोच स्कूल स्तर से विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को रोजगार हेतु क्षेत्र के अनुकूल पशुपालन, भेड़ पालन, बकरी पालन, मुर्गीपालन, वर्मी कम्पोस्ट और कम्पोस्ट खाद बनाकर व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

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