पशुओं की परेशानी बढ़ी:बेसहारा पशुओं के लिए परेशानी बनी बारिश, शहर में कहीं भी आश्रय स्थल नहीं

पोकरण16 दिन पहले
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बेसहारा पशुओं के लिए शहर में नहीं हैं आश्रय स्थल। - Dainik Bhaskar
बेसहारा पशुओं के लिए शहर में नहीं हैं आश्रय स्थल।

शहर में बारिश के साथ कड़ाके की ठंड बेसहारा पशुओं के लिए आफत बन गई हैं। आवारा पशु बारिश व ठंड की चपेट में आकर जहां बीमार हो रहे हैं वहीं पेट न भरने से गोवंश धीरे-धीरे कमजोर होकर अकाल मौत का भी शिकार हो रहे हैं। शीतलहर के प्रकोप से बचाने और संतुलित आहार देने की व्यवस्था आदेश-निर्देश तक ही सीमित हैं। इन दिनों बेमौसम बारिश व ठंड का कहर जारी हैं। पोकरण शहर के प्रत्येक गली व मोहल्लों सहित बाजारों में आवारा पशु बिना किसी मालिक के घूम रहे हैं।

ठंड में इन बेजुबानों के लिए शहर में कहीं पर भी हरा या सूखे चारे की व्यवस्था नहीं हैं। जिसके कारण भूख से इन पशुओं की अकाल मौत हो रही हैं। ठंड के प्रकोप से बचाने व पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा हैं। शहर के मालियों के मोहल्ले में स्थित रामनाथ महाराज के आश्रम के आगे, जय नारायण व्यास चौराहा व गांधी चोक में पशु चारे के अभाव में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।

ठंड व बारिश के मौसम में शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को बचाने के लिए कोई भी आश्रय स्थल नहीं हैं। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं। जिसके कारण बरसात के मौसम में व सर्दी के सितम में आवारा पशुओं को भारी परेशानी होती हैं। इन दिनों मावठ के साथ हाड़ कंपाने वाली सर्दी में आवारा पशु मौत के मुंह में जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा इन आवारा पशुओं के लिए रहने व खाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। जिससे बारिश के मौसम में इन बेजुबानों को परेशानी हो रही हैं।

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