बेरोजगारी / 31 तक रामदेवरा और भादरिया मंदिर बंद दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट

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दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:57 AM IST

पोकरण. कोरोना महामारी के कारण प्रशासन द्वारा मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे सहित धार्मिक स्थलों को बंद करने के आदेश दिए गए थे। लॉकडाउन 5.0 में मंदिरों के नहीं खुलने के फरमान थे। लेकिन अब लोगो को उम्मीद जगी थी की सरकार द्वारा लगभग तीन महिनों के बंद मंदिरों को खोलने की ओर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सोमवार की रात्रि को जारी सरकारी गाइडलाइन में आगामी 31 जुलाई तक मंदिरों के नहीं खोलने के आदेश नए सिरे से जारी कर दिए।

तीन महिनों से रामदेवरा मंदिर नहीं खुलने से रामदेवरा में स्थित दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया हैं। कुछ उन पूर्व मंदिर खोलने के लिए रामदेवरा सरपंच व अन्य ग्रामीणों से जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता होने पर लोगो को उम्मीद जगी थी। लेकिन अब 31 जुलाई तक मंदिर बंद होने की सूचना मिलने से कई लोगो के अरमान टूट गए। रामदेवरा के अधिकतर दुकानदार मंदिर पर ही निर्भर करते हैं। पिछले तीन महिनों से होटल, धर्मशालाओं व रेस्टोरेंट पर ताले जड़े हुए हैं। जिससे की दुकानदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।  

प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल ग्राम पंचायत लाठी से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शक्तिपीठ भादरिया माता एवं संत हरवंशसिह निर्मल का समाधि स्थल फिलहाल नहीं खुलेगे।शक्तिपीठ भादरिया माता मंदिर एवं संत हरवंशसिह निर्मल का समाधि स्थल को खोलने की मांग पिछले लंबे समय से भक्तों द्वारा की जा रही थी,लेकिन सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से जारी कि गई नई गाइडलाइन के तहत प्रदेश के बड़े मंदिरों व आस्था स्थलों को आगामी 31 जुलाई तक नहीं खोलने का निर्देश दिया गया है।

शक्तिपीठ भादरिया माता एवं संत हरवंशसिह निर्मल का समाधि स्थल गत 103 दिनों से बंद है।शक्तिपीठ भादरिया माता एवं संत हरवंशसिह निर्मल के समाधि के दर्शन करने सैकड़ों भक्तो का सावन माह में यहां आना चाहते हैं।भक्तों द्वारा जगदंबा सेवा समिति व अन्य लोगों से फोन करके जानकारी जुटाई जा रही थी कि मंदिर के कपाट कब खुलेंगे।ऐसे में जगदंबा सेवा समिति ट्रस्ट द्वारा नई गाइडलाइन के तहत 31 जुलाई तक मंदिर खुलने की जानकारी देने पर श्रद्धालु निराश हो रहे है।

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