समस्या:जारगा में सड़क और नालियां नहीं होने से हो रहा जलभराव, पंचायत बनी बेखबर

बसेड़ी5 दिन पहले
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बसेड़ी में कीचड़ में होकर गुजरते जारगा के ग्रामीण - Dainik Bhaskar
बसेड़ी में कीचड़ में होकर गुजरते जारगा के ग्रामीण
  • ग्रामीणों का आरोप... करोड़ों का बजट स्वीकृत होने के बाद भी ग्रामपंचायत की अनदेखी के कारण जारगा गांव में नहीं हो रहे विकास कार्य

उपखंड के जारगा गांव में रास्ते में कीचड़ होने से राहगीरों को कई सालों से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि बसेड़ी पंचायत समिति का जारगा सबसे बड़ा गांव है। वहीं ग्राम पंचायत का सरपंच भी इसी गांव का है। ग्रामीणों ने सरपंच को इस समस्या से कई बार अवगत भी करा दिया है लेकिन सरपंच का भी ध्यान समस्या की तरफ नही है।

जबकि ग्रामीणों ने गांव के विकास की खातिर गांव के ही व्यक्ति को सरपंच चुना था। गांव के रास्तों का आलम यह है कि कीचड़ के कारण महिलाओं व बच्चों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है, लोगो ने घर से निकलना ही बंद कर दिया है। ग्रामीण गंदगी के कारण मौसमी बीमारी फैलने का अंदेशा जता रहे है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर में कई लोगो की मौत होने ग्रामीण भयभीत है। फिर भी ग्राम पंचायत कोई ध्यान नही दे रही है।

ग्राम पंचायत में कोई विकास नही होने के कारण ग्रामीण अभी से अपने आपको ठगा महसूस करने लग गए है। जबकि ग्राम पंचायत में विकास के लिए करोड़ों का बजट स्वीकृत हुआ है। ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा बजट की राशि को खर्च करने के लिए कोई प्रपोजल नही बनाया गया है। वही गांव में प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत अभियान दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामीण धीरज कुमार, सुनील कुमार, मुकेश सिंह, जंडेल सिंह, राजू, निरोत्तम, महेश चन्द, रामबाबू, गंगासिंह, रविकुमार, चन्दन सिंह, ज्ञान सिंह आदि ने ग्राम पंचायत की नीतियों का विरोध करते हुए जिला कलेक्टर से पंचायत प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सीधी बात
रामनरेश, सरपंच प्रतिनिधि
जल्द विकास कार्य

सवाल - जारगा ग्राम मे जो रास्ते की शिकायत है उस मामले मे आपका क्या कहना है।
जबाब- जल्द कार्य करा देंगे।
सवाल- क्या यह रास्ता ग्राम पंचायत के प्लान में है।
जबाब- अभी पता नही है।

सरपंच को कई बार बताया है
हमने ग्राम के सरपंच को काफी बार अवगत कराया है। लेकिन अभी तक कोई समस्या का समाधान नही हुआ है। धीरज, ग्रामीण
ग्रामीण हो रहे हैं परेशान
ग्राम मैं इतनी गंदगी हो रही है। कि ग्रामीणों का निकलना मुश्किल हो रहा है : सुनील, ग्रामीण

कूंकरा में मुख्य मार्ग पर नालिया नहीं होने से सड़क पर बह रहा पानी, लोग आवागमन करते समय गिरकर हो रहे चोटिल
उपखंड क्षेत्र के गांव कूंकरा का मुख्य रास्ता ग्रामीणों के लिए आवागमन से ज्यादा परेशानी का सबब बना हुआ है। दुविधा की स्थिति यह है कि पीडब्ल्यूडी के अधीन होने की वजह से मुख्य रास्ते का बरसों से निर्माण अटका हुआ है। रास्ते के दोनों और गंदगी एवं कीचड़ से उबाल मार रही क्षतिग्रस्त नालियों का पानी और गंदगी रास्ते पर चारों तरफ फैल रहा है। जिसकी वजह से न केवल आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि लोगों की सेहत भी गंदगी जनित बीमारियों के पनपने से दाव पर लगा हुआ है।

लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के अधीन होने के कारण ग्राम पंचायत प्रशासन ले भी मार्ग की मरम्मत एवं निर्माण से हाथ खड़े कर दिए है। जिसके चलते लोगों को नारकीय हालातों से गुजरना पड़ रहा है। कूंकरा के लोगों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया गांव का मुख्य मार्ग कई साल पहले गारंटी पीरियड पूरा कर चुका है, बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के द्वारा जर्जर एवं बदतर हाल मार्ग की न तो सड़क बनवाई जा रही है और ना ही क्षतिग्रस्त हाल सड़क पर पैच वर्क कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम पंचायत सरपंच कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कई बार क्षेत्रीय विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के द्वारा सड़क की मरम्मत के लिए कहा गया है। उसके बावजूद अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली के कारण लोगों को जर्जर और बदतर सड़क से आवागमन करते समय परेशानी उठानी पड़ रही है। सरपंच ने बताया कि 3 दिन पूर्व विधायक के द्वारा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है। सप्ताह भर में सड़क मार्ग पर गिट्टीयां डालने का अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया है।

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