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अदालत का फैसला:बयाना अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 का फैसला; हत्या के मामले में दो आरोपियों को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई

बयाना13 दिन पहले
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उच्चैन थाना इलाके के हत्या के साढे 5 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 संतोष अग्रवाल ने दो आरोपियों अशोक जांगिड़ व राधेलाल गुर्जर को उम्र कैद की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

अपर लोक अभियोजक धीरज चौधरी ने बताया कि उच्चैन निवासी लोकेश पाराशर ने 21 जनवरी 2016 को उच्चैन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 20 जनवरी की रात घनश्याम को उच्चैन निवासी अशोक जांगिड़ व राधेलाल गुर्जर घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। जो बाद में घर लौटे और कहा कि घनश्याम का किसी से झगड़ा हो गया है और वह शराब के ठेके के पास पड़ा है। जब परिजन शराब के ठेके के पास पहुंचे तो घनश्याम घायल अवस्था में पड़ा हुआ मिला। जिसे परिजन उपचार के लिए भरतपुर ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले में लोकेश की ओर से अशोक व राधे के खिलाफ घनश्याम की हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायाधीश संतोष अग्रवाल ने आरोपी अशोक जांगिड़ व राधेलाल गुर्जर पर आरोप प्रमाणित मांगते हुए आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

फर्जी हस्ताक्षर कर चेक से पैसे रकम का आरोपी को जेल भेजा
नदबई। फर्जी हस्ताक्षर कर चेक द्वारा पैसे निकालने की कोशिश करने के मामले में कस्बा निवासी देवेंद्र पुत्र अशोक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार नदबई निवासी तारा शर्मा ने मामला दर्ज कराया था कि मार्च 2019 में उसके पति प्रकाश चंद शर्मा की मौत हो गई थी। उसके पति के मौत के बाद नदबई एक्सिस बैंक में सेवारत नदबई निवासी देवेंद्र पुत्र अशोक ब्राह्मण उनके घर आया और बोला वह उसके पति के दोनों खातों के पैसों को स्वयं हस्ताक्षर कर परिजनों के खाते में डलवा देगा।

आरोपी की चाल को परिजन समझ ना सके और उसको चेक बुक दे दी। आरोपी देवेंद्र की नियत पैसों पर खराब हो गई। आरोपी देवेंद्र ने एक लाख का चेक भरकर उसके पति के फर्जी हस्ताक्षर कर एक्सिस बैंक शाखा गोवर्धन रोड मथुरा में लगाया। बैंक शाखा से जब फोन आया तो फर्जी चेक के बारे में पता चला। बैंक मैनेजर से परिजनों ने कहा कि यह चेक फर्जी है। इसको नहीं लगाना है। फर्जी चेक देवेंद्र के ड्राइवर सुरेंद्र द्वारा लगाया गया। पुलिस ने आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया।

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