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गुर्जर समाज:समझाैते की पालना नहीं हाेने से गुर्जर समाज में बढ़ रहा है आक्राेश: बैंसला

बयाना8 महीने पहले
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  • गांव अडडा में गुर्जर आरक्षण को लेकर हुई पंच-पटेलाें की बैठक, 17 को मलारना डूंगर में होगी महापंचायत

आरक्षण काे लेकर गुर्जर समाज एक बार फिर से आंदोलन की राह पर जाता दिख रहा है। पूर्व में हुए समझौते की सरकार द्वारा पूरी तरह से पालना नहीं करने से नाखुश गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला ने आगामी 17 अक्टूबर काे मामले में समाज के पंच-पटेलाें से चर्चा के लिए सवाई माधाेपुर के मलारना डूंगर में महापंचायत करने का भी एेलान किया हुआ है। मसले को लेकर मंगलवार काे अब तक के आरक्षण अांदाेलनाें का केन्द्र रहे बयाना के नहरा इलाके के गांव अडडा में जिला परिषद सदस्य राजाराम अडडा की अध्यक्षता में गुर्जर समाज की बैठक हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए कर्नल बैंसला के पुत्र विजय सिंह बैंसला, भूरा भगत, हरीराम अमीन, हरिकिशन िसंह अादि वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार आरक्षण आंदोलन के बाद हुए संघर्ष समिति के साथ हुए समझौते की पूरी तरह से पालना नहीं कर रही है। इससे गुर्जराें समेत एमबीसी की सभी जातियाें में आक्रोश व्याप्त है।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार समझौते की पालना में सरकारी भर्तियों में बैकलॉग, प्रक्रियाधीन भर्तियों में 5 प्रतिशत आरक्षण, आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए समाज के सभी शहीदों के परिजनों को मुआवजा व नौकरी देने, आरक्षण आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा लगाए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने, रीट भर्ती में भी 5 प्रतिशत आरक्षण देने तथा नर्सिंग भर्ती 2013 में भी आरक्षण आदि बिंदुओं पर समझौते की पालना नहीं हो पा रही है। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार को भी अाडे हाथाें लेते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को भी कई बार 5 प्रतिशत आरक्षण को 9वीं अनुसूची में डालने का आग्रह किया जा चुका है।

अगर एक माह के अंदर आरक्षण को 9वीं अनुसूची में नहीं डाला गया तो एमबीसी समाज को मजबूरन अपने हक के लिए दिल्ली कूच करना पडेगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण एमबीसी वर्ग काे उनका पूरा हक नहीं मिल पा रहा है। इससे एमबीसी के युवाअाें काे सरकारी भर्तियाें में समुचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। बैठक में पंच-पटेलाें ने आरक्षण की लड़ाई में कर्नल बैंसला के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए उनके निर्णय के साथ रहने का संकल्प लिया। बैठक में मानसिंह सरपंच, कल्याण सिंह, भगवान सिंह, ताेताराम, लालपत, शिवसिंह, राजहंस, अभयसिंह, मुकेश पटेल, दया सरपंच, बच्चू समाेगर, बीधाराम, हेमेन्द्र, शिवसिंह अादि माैजूद रहे।

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