बदहाल सड़कें:टूटी सड़कों पर हरदम हादसों का डर, गड्ढों में वाहन चलाने से बढ़ रहे कमर दर्द के रोगी, गारंटी समय से पहले ही दम तोड़ रहीं सड़कें

बयाना12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बयाना. शिव गंज मंडी के सामने जर्जर हाल सड़क, सड़क के बीचोंबीच हो रहा गड्ढा। - Dainik Bhaskar
बयाना. शिव गंज मंडी के सामने जर्जर हाल सड़क, सड़क के बीचोंबीच हो रहा गड्ढा।
  • बयाना में सड़कों के घाव दे रहे हैं आमजन को दर्द
  • कहीं गहरे गड्ढे तो कहीं डामर ही गायब, सूपा मार्केट से पुरानी सब्जी मंडी तक सड़क के नाम पर केवल गड्‌ढे़ ही गड्‌ढ़े, जिम्मेदार हैं मौन...

नपा प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर में सड़कों की स्थिति बदहाल है। कस्बे के मुख्य बाजारों से लेकर कॉलोनियों व गली-मोहल्लों में अधिकांश सड़कें छलनी पड़ी हैं। पूरे शहर में जगह-जगह सड़कें टूटी पड़ी हैं। कहीं सड़कों से डामर गायब है, तो कहीं गड्ढे हो गए हैं। सड़कों के निर्माण के दौरान जिम्मेदार अफसरों के गुणवत्ता के प्रति ध्यान नहीं देने के कारण अधिकांश सड़कें गारंटी अवधि में ही दम तोड़ देती हैं।

नाले-नालियों और सीवरेज के गंदे पानी के कारण सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे आमजन परेशान हैं। लेकिन नगर निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। सड़कों में गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। दैनिक भास्कर ने कस्बे की सड़कों की स्कैनिंग की तो अधिकांश सड़कें जर्जर हाल में मिली।

लोगों का इन सड़कों से निकलना दूभर हो गया है।सड़कों के दोबारा नहीं बनने से कस्बेवासी परेशान हैं। आए दिन ऐसी सड़कों पर लोग गिरकर घायल हो रहे है। कस्बे के स्टेशन रोड पर सूपा मार्केट से लेकर पुरानी सब्जी मंडी चौराहे तक मुख्य बाजार की डेढ़ किमी की पूरी सड़क गड्ढों से अटी पड़ी है। इसी तरह कस्बे के बाजारों में आजाद मंडी, जवाहर चौक छोटा बाजार, आर्य समाज रोड, लाल दरवाजा रोड सभी सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं।

पार्षद बाेले- विभागों में तालमेल नहीं होने का खामियाजा भुगत रहे हैं लोग

नपा पार्षद पिन्टू सोनी ने कहा कि टूटी सड़कों व गड्ढों से आमजन परेशान है। विभागों में तालमेल नहीं होने से सड़कों की स्थिति खराब है। गली-मोहल्लों से निकलना दूभर बना हुआ है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। व्यापारी सूर्यकांत सिंघल ने बताया कि सड़कों पर गड्ढों और उड़ती धूल से क्षेत्र में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। केमिस्ट हरीश सिंघल ने बताया कि बाजार में कई स्थानों पर नालियों पर फेरोकवर तक नहीं है। इससे दुपहिया वाहन चालक नाली से गुजरते समय गिरकर चोटिल हो जाते हैं। रिक्शा चालक अमरजीत ने बताया सड़कों में गड्ढे होने से कई बार रिक्शे में बैठी सवारियों के गिरने का डर बना रहता है। इससे लोग रिक्शे में बैठने से कतराने लगे हैं।

सीधी बात- जितेंद्र गर्ग, ईओ नगर पालिका बयाना

सीसी सड़कों का प्रस्ताव स्वीकृत हुए, जल्द काम होगा

भास्कर : शहर में मुख्य बाजारों सहित कॉलोनियों की अधिकांश सड़कें जर्जर हैं। नपा प्रशासन का ध्यान क्यों नहीं है?
गर्ग : जर्जर सड़कों से निजात दिलाने के लिए नपा प्रशासन ने मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत प्रस्ताव बनाकर पीडब्ल्यूडी को भेजे थे।जो स्वीकृत हो चुके हैं।

भास्कर : कितनी लंबाई की व कितनी लागत से शहर में सड़के बनाई जाएंगी?
गर्ग : गुणवत्ता के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया है। कस्बे के बाजारों व कॉलोनियों में 10 किमी लंबाई की करीब 9 करोड़ की लागत की सीसी सड़कों के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। जल्दी इनका काम शुरू हो गया इससे आमजन को राहत मिलेगी।

भास्कर : मुख्य बाजारों व कॉलोनियों की क्रासिंग नालियों पर फेरोकवर तक नहीं है। इससे दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता है?
गर्ग: जिन नालियों पर फेरो कवर नहीं है। उन पर जल्द ही नपा प्रशासन की ओर से फेरोकवर लगवाए जाएंगे।

खबरें और भी हैं...