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ब्लाॅक स्तरीय सशक्त दस्त नियंत्रण पखवाडा:डीग में डायरिया से बचाव के लिए आशाएं बच्चों को खिलाएंगी जिंक की गोली, ओआरएस के प्रत्येक पैकेट पर मिलेगा एक रुपए मानदेय

डीगएक महीने पहले
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डीग. कार्यक्रम में बच्ची को ओआरएस का घोल पिलाते चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
डीग. कार्यक्रम में बच्ची को ओआरएस का घोल पिलाते चिकित्सक।
  • बच्ची को ओआरएस का घोल पिलाकर चिकित्सा अधिकारी डॉ. मानसिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की

बच्चों में मृत्यु का एक बड़ा कारण दस्त रोग है। देश में हर साल 1 लाख से अधिक बच्चें दस्त रोग के कारण मर जाते हैं। राज्य में 5 साल से छोटे बच्चों में प्रति वर्ष लगभग 10 हजार बच्चें दस्त या उससे होने वाली जटिलता से मौत के शिकार हो जाते हैं। दस्त एवं निर्जलीकरण से होने वाली मृत्यु को ओआरएस एवं जिंक की गोली के उपयोग के साथ ही पर्याप्त पोषण द्वारा रोका जा सकता है। दस्त की रोकथाम के लिए पीने के लिए साफ पानी का प्रयोग, समय-समय पर हाथ को पानी और साबुन से धोना, स्वच्छता, समय पर टीकाकरण, स्तनपान एवं पर्याप्त पोषण लेना जरूरी है।

यह बात बुधवार को खंड परिसर में चिकित्सा विभाग के गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के शुभारंभ पर एक छोटी बच्ची को ओआरएस का घोल पिलाते हुए कार्यवाहक खंड मुख्य ब्लाॅक चिकित्सा अधिकारी डाॅ मानसिंह ने ब्लाॅक स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में नर्सिंगकर्मियों के बीच कही।

उन्होंने बताया कि आईसीडीएफ के तहत डायरिया की रोकथाम और उचित प्रबंधन के लिए चिकित्सा संस्थानों और सामुदायिक स्तर पर अनेक गतिविधियां ब्लाॅक क्षेत्र में आयोजित की जाती हैं। इस बार ये गतिविधियां कोरोना गाइड लाइन के अनुसार आयोजित की जाएगी।

26 हजार ओआरएस,10 हजार जिंक टेबलेट्स बांटे

खण्ड कार्यक्रम प्रबन्धक मुकेश दीक्षित ने बताया कि दस्त नियंत्रण पखवाड़े के अंतर्गत ब्लाॅक में 26 हजार ओआरएस के साथ 10 हजार जिंक टेबलेट्स आशाओं को वितरित किए गए हैं। आशाओं को एक पैकेट बांटने पर सरकार की तरफ से एक रुपए मानदेय दिया जाएगा। कार्यक्रम में खण्ड आशा समन्वयक प्रदीप कुमार पाण्डेय ने रिपोटिंग फोरमेट से स्वास्थकर्मियों को जानकारी प्रदान की।

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का लिया जाएगा सहयोग

प्रभारी चिकित्सक डाॅ नन्दलाल मीणा ने कहा कि बालकों में डायरिया रोग का प्रभाव सामान्यतया तेज गर्मी, उमस और मानसून काल में अधिक होता है। यह रोग सामाजिक व आर्थिक तौर पर कमजोर बालक इसका अधिक शिकार होते हैं। बालकों को गर्मी के प्रभाव से बचाना चाहिए। दस्त रोग के कारण बच्चे में निर्जलीकरण हो जाता है और बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। जिलेभर सहित ब्लाॅक में बालकों को डायरिया रोग के प्रभाव से बचाव के 5 साल तक के सभी दस्त रोग से ग्रसित बच्चों तक ओआरएस और जिंक टेबलेट पहुंचाई जाएगी। इसके लिए विभाग की अग्रिम पंक्ति एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा।

6 माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा ओआरएस

कार्यक्रम में सशक्त दस्त नियंत्रण पखवाड़े के तहत घर-घर जाकर 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस का पैकेट देने के लिए प्रसाविका, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का निर्देशित किया गया है ताकि दस्त के दौरान पानी की कमी को पूरा कर बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सके।

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