बैठक आयोजित:ब्रजदास ने कहा - निर्णय में सरकार की देरी से पहाड़ों के संरक्षण के मायने नहीं

डीग2 महीने पहले
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आदिबद्री-कनकाचल पर्वतों पर हो रहे खनन के विरोध में साधु संतों का धरना बुधवार को 257 वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को धरना स्थल पर महंत शिवराम दास की अध्यक्षता में आंदोलनकारियों ने बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा कर विरोध को लेकर निर्णय लिए। बैठक में महंत शिवराम दास ने कहा कि सरकार की तरफ से पूर्ण विश्वास दिलाया गया है कि अति शीघ्र दोनों पर्वतों को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं एवं दोनों पर्वतों के संवर्धन के लिए एक निश्चित योजना बनाने की भी पहल की जा रही है।

आश्वासन के चलते आंदोलन की प्रस्तावित गतिविधियों को कुछ काल के लिए स्थगित कर रखा है। 11 सितम्बर को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से हुई वार्ता में उन्होंने गहलोत सरकार से अविलंब दोनों पर्वतों को संरक्षित कराने की बात कही थी। वहीं मान मंदिर पर संतों की बैठक में संरक्षण समिति के संरक्षक राधाकांत शास्त्री ने कहा कि राजस्थान के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी अब आंदोलनकारियों को पूरा स्पष्ट आश्वासन दिया है कि सरकार ब्रज के दोनों पर्वतों की सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है। अतिशीघ्र ही एक निर्णायक बैठक कर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

वहीं नगर विधायक वाजिब अली भी सरकार के उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं ताकि ब्रज के धार्मिक पर्वतीय क्षेत्र का संरक्षण, संवर्धन एवं सर्वांगीण विकास हो सके। समिति के महासचिव ब्रजदास ने कहा कि सरकार को यह भी समझना चाहिए कि अगर निर्णय लेने में अधिक विलंब होता है तो इन पहाड़ों का संरक्षण कोई मायने नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि जिस गति से दोनों पर्वतों पर खनन माफिया सभी नियमों को ताक में रखकर भारी मात्रा में खनन कर रहे हैं उस हिसाब से बहुत जल्दी ही ये दोनों पर्वतों को समाप्त कर देंगे।

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