• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bharatpur
  • Deeg
  • Now Strict Action Will Be Taken Against Those Who Do Black Marketing Of Fertilizers, Agriculture Department Will Run Campaign In 4 Districts Of Bharatpur Division

प्रशासन की सख्ती:अब खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई, भरतपुर संभाग के 4 जिलों में कृषि विभाग चलाएगा अभियान

डीग2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कृषि आयुक्तालय के निर्देश, तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के आदेश, अभियान में कार्मिकों की लगाई जाएगी जिलों में ड्यूटी। - Dainik Bhaskar
कृषि आयुक्तालय के निर्देश, तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के आदेश, अभियान में कार्मिकों की लगाई जाएगी जिलों में ड्यूटी।

किसानों को अनुदान पर दिए जाने वाली डीएपी और यूरिया का गैर कृषि कार्यों में भी उपयोग होने का कृषि विभाग को अंदेशा है। खाद की कमी के चलते इसकी बड़े स्तर पर कालाबाजारी हो सकती है। कृषि आयुक्तालय, जयपुर की ओर से कृषि विभाग को अनुदानित उर्वरकों का गैर कृषि कार्य में उपयोग करने वालों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश मिलते ही कृषि विभाग की ओर से कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। संयुक्त निदेशक कृषि, देशराज सिंह के अनुसार डिवीजन के 5 जिलों (भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर) में अभियान चलाकर कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखी जाएगी। अवैध उपयोग करने या कालाबाजारी कर भंडारण करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कालाबाजारी रोकने के लिए जिला मुख्यालय के साथ तहसील स्तर व गांवों में स्थित कृषि आदान विक्रेताओं पर नजर रखी जाएगी। अभियान को लेकर कार्मिकों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई जा रही है। कृषि आयुक्त डॉ ओमप्रकाश ने जारी आदेशों में उपनिदेशक कृषि (विस्तार) को उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों व भंडार गृहों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ उर्वरक विक्रय करने वालों पर भी निरंतर निगरानी रखने को कहा गया है।

कृषि विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट भी समय-समय पर कृषि आयुक्त को भिजवानी होगी। जानकारी के अनुसार कृषि कार्यों में उपयोग में लिए जाने वाले उर्वरकों पर सरकार अनुदान देती है। ऐसे में अनुदानित उर्वरकों को औद्योगिक उपयोग में नहीं लिया जा सकता। विदित रहे कि खाद की किल्लत के चलते हर साल किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े रहकर भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है।

एसएसपी कृषि के लिए वरदान
संयुक्त निदेशक कृषि देशराज सिंह ने बताया कि एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) एक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक है। जिसमें 16 प्रतिशत फॉस्फोरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर की मात्रा पाई जाती है। इसमें उपलब्ध सल्फर के कारण यह उर्वरक तिलहनी एंव दलहनी फसलों के लिए अन्य उर्वरकों की अपेक्षा अधिक लाभदायक है। साथ ही एसएसपी उर्वरक डीएपी की अपेक्षा सस्ता होने के साथ बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

खबरें और भी हैं...