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उदासीनता:विद्यार्थियों का मूल्यांकन करते आए अध्यापक अब खुद का ही मूल्यांकन करना भूले, जिले में 618 शिक्षक नहीं भर पाए टेफ

डीग8 महीने पहले
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  • स्कूल शिक्षा परिषद ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश, 15 अक्टूबर तक का दिया समय

अब तक विद्यार्थियों का मूल्यांकन करते आए अध्यापक अब खुद का ही मूल्यांकन करना भूल गए हैं। प्रदेश में 20 हजार से अधिक ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने नियमों के अनुसार अपना मूल्यांकन प्रपत्र (टेफ) नहीं भरा है। सबसे अधिक शिक्षक 1310 बाड़मेर जिले से हैं। भरतपुर जिले की बात करें तो जिलेभर से सरकारी विद्यालयों में कार्यरत 618 शिक्षकों ने शाला दर्पण पर अपने लाॅगिन आईडी पासवर्ड से मूल्यांकन प्रपत्र भरकर अपने नियंत्रण अधिकारी/संस्था प्रधानों को फारवर्ड नहीं किया है।

इस संबंध में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक-प्रथम एम आर बगडिया ने हाल ही में समस्त जिलाें के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को शिक्षक मूल्यांकन प्रपत्र नहीं भरने वाले संस्था प्रधानों/शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सूचना 15 अक्टूबर तक निर्धारित प्रपत्र परिषद को भिजवाए जाने के लिए पाबंद किया है।

वेतन रोकने की होती है कार्रवाई

नियमों के अनुसार मूल्यांकन प्रपत्र नहीं भरने, प्रपत्र में जवाब संतुष्टपूर्ण नहीं मिलने पर ऐसे शिक्षकों की वेतन सहित अन्य सुविधाएं रोकी जा सकती हैं। इस मामले में सामने आया है कि ब्लाॅक व पीईईओ स्तर पर भी माॅनीटरिंग नहीं कर उदासीनता बरती गई है।

अब फार्म नहीं भरने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर ब्लाॅक स्तर पर स्पष्टीकरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन प्रपत्र नहीं भरने वाले सबसे अधिक 101 शिक्षक सेवर ब्लाॅक से हैं। वहीं सबसे कम नगर ब्लाॅक से 39 शिक्षक है।

यह भरना होता है शिक्षकों को
प्रपत्र में मुख्य रूप से शिक्षकों का नियमित रूप से विद्यालय आना, पाठ्यपुस्तकों के अलावा सहायक सामग्री का उपयोग करना, शिक्षण योजना बनाकर समीक्षा, विद्यार्थियों का नियमित आंकलन, शैक्षिक प्रगति रिपोर्ट जांचना, प्रगति रिपोर्ट को दर्ज कर प्रमाण रखना, सीखने सिखाने की प्रक्रिया में भागीदारी निश्चित करना, शिक्षक अधिगम सामग्री को प्रयोग में लाना, पुस्तकालय के लिए प्रेरित करना, जाति धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करना, गृहकार्य की जांच करना, विद्यालय में शैक्षिक गतिविधियां संचालित करने में भूमिका अदा करना, पढ़ाई का स्तर सुधारने में रही चुनौतियों सहित 15 बिन्दु शामिल हैं।
आंकडों में जिले के 10 ब्लाॅक
बयाना - 91, डीग - 47, कामां - 61, कुम्हेर - 62, नदबई - 48, नगर - 39, पहाड़ी - 58, रूपवास - 50, सेवर - 101, वैर - 61

शिक्षकों को वर्ष में दो बार करनी होती है ऑनलाइन फीडिंग
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सरकारी विद्यालयों में लगे शिक्षकों को वर्ष में दो बार मूल्यांकन प्रपत्र ऑनलाइन करने के स्थाई निर्देश है। इसमें शिक्षकों को सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत अपने विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर बेहतर बनाने के लिए कार्यप्रणाली सहित निर्धारित 15 बिन्दुओं पर स्वयं शिक्षक को अपनी ग्रेड देकर प्रपत्र भरा जाना होता है।

कक्षा 1 से 12 तक पढ़ा रहे सभी स्तर के शिक्षकों को मूल्यांकन प्रपत्र के भाग 1 व 2 को भरकर निर्धारित तिथि तक संस्था प्रधानों को शाला दर्पण के जरिए ऑनलाइन प्रस्तुत करना होता है। साथ ही ऑनलाइन मिले मूल्यांकन प्रपत्र को नियंत्रण अधिकारी की ओर से दर्ज सूचनाओं को सत्यापित कर ग्रेड देनी होती है। योजना के तहत प्रत्येक शिक्षा सत्र के लिए निर्धारित समय सीमा भी निश्चित की गई है।

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