सावन में भाेले की आराधना:मचकुंड के पंचमुखी शिवलिंग पर चढ़ाया 11 किलाे चांदी का कवच, गन्ने के रस से किया भगवान शिव का रुद्राभिषेक

धाैलपुर3 महीने पहले
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धौलपुर. पंचमुखी शिवलिंग काे चढाया 11 किलाे चांदी का कवच। - Dainik Bhaskar
धौलपुर. पंचमुखी शिवलिंग काे चढाया 11 किलाे चांदी का कवच।

सावन का महीना भाेले बाबा की आराधना और मनाेकामनाएं मांगने के लिए शिवालयाें में अनुष्ठान रुद्राभिषेक जलाभिषेक का आयाेजन हाेता है। करीब 150 साल पुराने श्रीलाडली जगमाेहन जूं सरकार मंदिर में पंचमुखी शिवलिंग में गन्ने के रस से रुद्राभिषेक हुआ और 11 किलाे चांदी का कवच समाजसेवी और हर साल गरीब कन्याओं की धूमधाम से निशुल्क शादी कराने वाले अनिल अग्रवाल और उनके परिवारजनाें की ओर से चढाया गया।

इस अवसर पर मंदिर परिसर में विभिन्न धामिर्क अनुष्ठान हुए, जिसमें हवन में अनिल अग्रवाल ओर अन्य श्रद्धालुओं हवन में आहुतियां दीं। भगवान भोलेनाथ को बिल्ब पत्र के साथ जलाभिषेक किया गया। सबसे पहले भाेले बाबा का गन्ने के रस से रुद्राभिषेक हुआ। इस अवसर पर पंडिताें के वैदिक मंत्राेच्चारण के साथ हवन यज्ञ का आयाेजन हुआ।

इस अवसर पर महंत कृष्णदास ने बताया कि रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावी उपाय है। श्रावण मास या शिवरात्रि के दिन यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। मंहत ने बताया कि जीवन में कोई कष्ट हो या कोई मनोकामना हो तो सच्चे मन से रुद्राभिषेक करने से लाभ की प्राप्ति होगी।

रुद्राभिषेक ग्रह से संबंधित दोषों और रोगों से भी छुटकारा दिलाता है। वहीं मान्यता है कि भगवान शिवजी पर गन्ने का रस चढाने से भगवान भाेले बाबा की कृपा बरसती है और गरीबी दूर हाेती है। बता दें कि रियासत काल का मचकुंड पर पंचमुखी शिवलिंग पर 11 किलाे चांदी का कवच और जलहरि का कवच चढाया गया है।

इस अवसर पर हवन अभिषके के बाद महाप्रसादी का आयाेजन हुआ। इस अवसर पर अनिल अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, महेश अग्रवाल, धीरज अग्रवाल, महंत कृष्णदास, डाॅ राधेश्याम गगर्, मुरारीलाल सिंघल, मनीष सिंघल, लवकुश शमार्, प्रिंस हुंडावाल, राजीव सिंघल आदि माैजूद रहे।

सैंपऊ। कस्बे के ऐतिहासिक शिव मंदिर पर रविवार को सहस्त्र अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। मंदिर महंत राम भरोसी पुरी, लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि कस्बा निवासी सेवानिवृत्त गिरदावर रामगोपाल शर्मा के द्वारा सोरों गंगा जी से 40 हजार लीटर गंगाजल मंगाकर भगवान भोलेनाथ का सहस्त्राभिषेक कराया जाएगा।

भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस दौरान आचार्यों के द्वारा रुद्री मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा मान्यता है कि श्रावण मास के दौरान भगवान भोलेनाथ को रिझाने एवं प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक सहित सहस्त्राभिषेक आदि धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। ऐतिहासिक शिव मंदिर पर शनिवार को शिव चौदस को भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

हालांकि भीड़ को इकट्ठा नहीं होने देने एवं मंदिर परिसर में मेला नहीं भरने देने के लिए सुबह से ही पुलिस जाब्ता लगाया था। लेकिन शिव दर्शनों के लिए मंदिर आने वाली भीड़ पर इसका असर नहीं पड़ा ग्रामीण इलाके से भक्तों की भारी भीड़ भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा करने के लिए सुबह ही ब्रह्म मुहूर्त में शिव मंदिर पहुंच गई और देर शाम तक आवागमन जारी रहा।

सोरों गंगा जी से कपड़ों में गंगा जल भर कर मंदिर पहुंचे कावड़ियों के द्वारा सपरिवार भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक किया गया।

इस दौरान मंदिर प्रांगण में महिला एवं युवतियों के द्वारा भगवान भोले और मां पार्वती की कथा सुनकर व्रत रखा शाम को मंदिर के गर्भ गृह में दीप प्रज्वलित किए गए। श्रद्धालुओं ने शिव चौदस का जागरण किया।

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