सैंपऊ:गबन का आरोपी डॉक्टर बिना ड्यूटी के ही रजिस्टर घर मंगाकर लगा रहा हाजिरी

धौलपुरएक वर्ष पहले
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  • सैंपऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला

कोरोना संकट के दौरान स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के दो चिकित्सकों के कई माह पहले से लगातार गैरहाजिर रहने के बावजूद अस्पताल इंचार्ज के द्वारा सुनियोजित तरीके से सांठगांठ करके वेतन बिल आहरण के मामले में विभाग द्वारा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराए जाने के बाद अस्पताल इंचार्ज के पद से हटाए गए डॉ चरणजीत सिंह चौहान का रुतबा अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

रुतबा ऐसा है कि पूर्व अस्पताल इंचार्ज डॉ चौहान अस्पताल में रहते हुए ना तो ड्यूटी कर रहे हैं और ना ही हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के लिए क्वार्टर से बाहर आ रहे हैं। अस्पताल से हाजिरी रजिस्टर खुद ब खुद डॉ चौहान के पास पहुंच रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सरकारी राशि के गबन के मामले की आरोपी डॉ. चौहान अस्पताल इंचार्ज का पद जाने के बाद बिना ड्यूटी किए अस्पताल की हाजिरी रजिस्टर में क्यों हस्ताक्षर कर रहे हैं और कोई उन्हें इस दादागिरी के लिए क्यों नहीं टोक रहा है।

मंगलवार को दैनिक भास्कर प्रतिनिधि ने सुबह 6:30 बजे पूर्व अस्पताल इंचार्ज डॉ. चौहान के पास हाजिरी रजिस्टर ले जाते हुए अस्पताल के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को फोटो में कैद किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोजाना की तरह डॉ. चौहान के दो मंजिला आवास पर हाजिरी रजिस्टर ले जाता है और हस्ताक्षर करा कर वापस ऑफिस में रख देता है। पूर्व अस्पताल इंचार्ज का यह रुतबा ही है कि बिना ड्यूटी किए ही अस्पताल के रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर दर्ज हो रहे हैं। जबकि साथी कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए दिन भर अस्पताल से संबंधित काम काज में पसीना बहाना पड़ रहा है।

अस्पताल इंचार्ज डॉ. नरेंद्र अग्रवाल से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि ड्यूटी टाइम पर जब मैं अस्पताल पहुंचता हूं तो डॉ. चौहान मुझसे पहले हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर कर चुके होते हैं। हस्ताक्षर करने से यह तो लगता है कि डॉ. चौहान अस्पताल परिसर में ही रह रहे हैं, लेकिन इंचार्ज का पद जाने के बाद से उन्होंने ना ड्यूटी की है और ना ही रोगियों को देखने के लिए वह चेंबर में बैठ रहे हैं। अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है।

सैंपऊ सीएचसी इंचार्ज डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि वायरल वीडियो में मैने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को डाॅ. चौहान के घर हाजिरी रजिस्टर ले जाते हुए देखा है। उसे नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से किसी के भी आवास पर हाजिरी रजिस्टर को ले जाना गैर कानूनी है। 

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