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वन विहार में 3 करोड़ से सुरक्षित होंगे वन्य जीव:जंगल में एनीकट, ताल-तलैया और बाउंड्रीवाल का होगा निर्माण, अन्य काम भी किए जाएंगे

धौलपुर2 दिन पहले
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धाैलपुर. वन विहार काेठी में घूमते चीतल, माेर और बंदर। - Dainik Bhaskar
धाैलपुर. वन विहार काेठी में घूमते चीतल, माेर और बंदर।

धाैलपुर में कुलांचे भरते चीतल, झुंडाें में चहलकदमी हिरण और बच्चों के साथ भालुओं काे स्वच्छंद घूमता देख सैलानियों को खूब भाता है। जंगल में स्थित वन विहार कोठी क्षेत्र इन वन्य जीवों की सैरगाह बन गई है। यहां पर इन वन्यजीवाें काे आवास देने के लिए कई काम हाेने हैं, जाे इन्हें सुरक्षा के साथ ही भाेजन-पानी का आराम देंगे।

रेंजर रणवीर ने बताया कि वन विहार रेंज में विकास कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव भेजा है। बजट मिलने पर जंगल में एनिकट, ताल-तलैया और बाउंड्रीबाॅल बनवाई जाएगी। वहीं भालुओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए उनके रहवास क्षेत्र में भी बाउंड्रीबाॅल का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभी भालुओं का वन विहार काेठी के आसपास से लगभग 30 किमी एरिया में विचरण है। इस पूरे क्षेत्र को चारदीवारी से कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चारदीवारी बिजाैली से बद्देपुरा, डांग बसई से पटेवरी, निभी का ताल के बगल से बिजाैली की ओर तक बनेगी।

वन विहार में अभी 10 भालू और पांच पैंथर

वन विहार काेठी क्षेत्र में चीतल, नील गाय, जंगली बिल्ली, सुअर, जैकाल, लाेमडी सहित करीब 10 भालू हैं। वहीं इसी एरिया में पांच पैंथर भी हैं। आसपास गांव के लाेगों व मंदिर के साधु ने बताया कि भालूओं काे अक्सर बच्चाें के संग विचरण करते हुए सुबह और देर शाम काे देखा जाता है। वहीं पैंथरा भी वन विहार काेठी की छताें पर अक्सर दिख जाते हैं।

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