चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ:31मार्च तक ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर, टेलीमेडिसिन से किया जा रहा इलाज

धौलपुर21 दिन पहले
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शिविर में इलाज करते चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
शिविर में इलाज करते चिकित्सक।

धौलपुर जिले में 14 नवम्बर रविवार से मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का विधिवत शुभारम्भ बाड़ी उपखंड के ग्राम पंचायत नगला दुल्हे खां से हुआ। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोपाल प्रसाद गोयल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले की नगला दुल्हे खां ग्राम पंचायत से शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन प्रत्येक ग्राम पंचायत पर किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में सप्ताह में दो या तीन कैम्प आयोजित किये जाएंगे। 15 नवम्बर सोमवार को ग्राम पंचायत हिनोता, कासिमपुर, सुरौठी, ममोदन में शिविर आयोजित किए जाएंगे।

डॉ. गोपाल गोयल ने बताया कि इन शिविरों में सभी प्रकार की संचारी, गैर संचारी रोगों सहित सभी बीमारियों की जांच और यथासंभव उपचार किया जा रहा है। शल्य चिकित्सा आवश्यक होने पर सुविधानुसार उच्चतर चिकित्सा संस्थान पर भिजवा कर सर्जरी करवाई जाएगी। 30 साल से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा रही है। परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कैम्प में आने वाले लोगों की आंखों की जांच की जा रही है। टीबी के सम्भावित रोगियों के टेस्ट और उपचार की व्यवस्था की गई है। शिविर में सिलिकोसिस और कुष्ठ रोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है, इसके साथ ही कोविड टीकाकरण से वंचित लोगों का टीकाकरण भी किया जा रहा है। जिन लोगों ने चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, उनके रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी कैम्पों में उपलब्ध करवा कर उनका रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

शिविरों में स्कूल जाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। शिविरों से पूर्व स्कूलों में स्टाफ की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य की प्री स्क्रीनिंग की जा रही है। प्री स्क्रीनिंग में यदि किसी बच्चे को कोई बीमारी पाई जा रही है तो उन्हें शिविरों में उपचार के लिए भिजवाया जा रहा है। शिविरों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपचार के लिए चिरंजीवी योजना/आरबीएसके से संबद्ध अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। जहां उनका उपचार निशुल्क किया जाएगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. चेतराम मीणा ने बताया कि शिविरों में चाइल्ड स्पेशलिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, फिजिशियन, मेडिसिन, डेंटिस्ट, नेत्र सहायक और आयुष चिकित्सक शिविर स्थलों पर मौजूद हैं। ईसीजी सहित सभी जांच उपकरण एम्बुलेंस, मेडिकल मोबाइल वैन भी उपलब्ध रखी जा रही है।

टेलीमेडिसिन के जरिए आमजन को दिया जा रहा इलाज
डीआरसीएचओ डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि शिविरों के दौरान ई-संजीवनी के माध्यम से जिला चिकित्सालय स्तर से ईएनटी, चर्म रोग, मनोरोग अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। सुपर स्पेशलिटी के लिए न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी की सेवाएं टेली कंसल्टेंसी के जरिए एसएमएस अस्पताल से उपलब्ध करवाई जा रही है। अब्दुलपुर में भी टेलीमेडिसिन व ई संजीवनी हब के जरिए मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श का लाभ दिलवाया गया। इन शिविरों में गंभीर रोगों से ग्रसित रोगियों की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों पर सर्जरी-उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। शिविर में इंटरनेट के माध्यम से ई-टेली कंसलटेंसी के जरिए सुपर स्पेशलिटी व स्पेशलिस्टों की ऑनलाईन कंसलटेंसी सेवा हेतु जोड़ा जाएगा। इसके लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के पांच सुपर स्पेशलिस्ट एवं स्वास्थ्य भवन से 10 विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं टेलीकंसलटेंसी के लिए पूरी अभियान अवधि के लिए उपलब्ध रहेंगी।

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