काेविड के हिसाब से सिलेबस तैयार:काॅलेज में 2 घंटे का हाेगा पेपर, 60 फीसदी प्रश्न ही हल करने हाेंगे

धौलपुर9 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो
  • , उच्च शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं के लिए सभी विश्वविद्यालयों काे जारी किए निर्देश

काॅलेज परीक्षा पैटर्न में व्यापक फेरबदल की तैयार है। इस बार कॉलेजों में दाे घंटे का ही पेपर हाेगा। साथ ही 60 फीसदी ही सवाल हल करने हाेंगे। काेविड-19 के बाद 8 फरवरी से काॅलेजाें में कक्षाएं शुरू हाेने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने अब परीक्षाओं की गाइड लाइन तैयार की है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों काे निर्देश जारी किए हैं।अभी काॅलेज में परीक्षा का टाइम 3 घंटे का हाेता है, जाे इस सत्र में 2 घंटे का ही पेपर हाेगा। इससे विद्यार्थियां काे कम समय मिलेगा। समय करने से विद्यार्थियां काे परेशान हाेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पेपर 2 घंटे के हिसाब से ही तैयार किया जाएगा।

दूसरी ओर इस बार देर से सत्र शुरू हाेने से सिलेबस पूरा नहीं हाेगा। इससे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने 60 फीसदी सवाल हल करने का प्रावधान किया है। इससे विद्यार्थियों काे पढ़ाई का पूरा समय भी मिल जाए। काेविड के कारण इस बार आधे से अधिक सत्र गुजरने के बाद कॉलेजों में कक्षाएं शुरू हुईं। गाइड लाइन के हिसाब से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा पैटर्न की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत 15 अप्रैल से स्वयंपाठी व 15 मई से नियमित स्टूडेंट्स की परीक्षा हाेंगी। फिर 31 जुलाई तक अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। इन बिंदुओं के मद्देनजर उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों काे गाइड लाइन भेजी है।

राहत...यूनिट वार सवाल हल की अनिवार्यता नहीं
स्वयंपाठी विद्यार्थियां की प्रायोगिक व सैद्धांतिक परीक्षाएं 15 अप्रैल से शुरू करने की तैयार है। इसके लिए काेविड के हिसाब से सिलेबस तैयार किया गया है। उसी के अनुसार सवाल पूछे जाएंगे। इसी कड़ी में नियमित यानी रेगुलर विद्यार्थियों की सैद्धांतिक परीक्षा 15 मई से शुरू हाेंगी। सभी परीक्षाओं के बीच में अंतराल रहेगा। करीब डेढ़ माह में सभी परीक्षाएं पूरी कराने की तैयार हाेगी। विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार परीक्षाओं में कोई एक पार्ट काे हटाने की संभावना है। इसमें निबंधात्मक प्रश्न हटाने की संभावना अधिक है। ऐसा हुआ ताे पार्ट-ए व पार्ट-बी के सवाल ही आने की उम्मीद है।

विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर यह भी है कि उन्हें किसी भी इकाई में से प्रश्न हल करने की छूट हाेगी। पहले 1 यूनिट में दाे सवाल आते थे, जहां प्रत्येक यूनिट में से एक सवाल हल करना अनिवार्य हाेता था। अब 5 यूनिट में कुल 10 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें से कोई भी 5 सवाल हल कर करने की छूट हाेगी। यूनिट वार सवाल हल करने की अनिवार्यता नहीं हाेने से विद्यार्थियाें काे बड़ी राहत मिलेगी।

विवि स्तर पर हाेगा फाइनल निर्णय
पिछले दिनाें राज्यपाल के साथ वीसी की मीटिंग हुई थी। मीटिंग में काेराेना महामारी के मद्देनजर नए पैटर्न से परीक्षा आयोजित कराने पर चर्चा हुई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने उसके लिए गाइड लाइन बनाकर विश्वविद्यालयों काे भेज दी है। अब विश्वविद्यालय स्तर पर जाे डिसीजन लिया जाएगा, वह ही फाइनल हाेगा। उसी हिसाब से कॉलेज में परीक्षा कराई जाएगी। मीटिंग में चर्चा के बाद 60 फीसदी काेर्स एवं दो घंटे का परीक्षा समय रहेगा। वहीं 15 अप्रैल से परीक्षा कराने पर का निर्णय लिया गया था, लेकिन विश्वविद्यालय के स्तर पर ही निश्चत परीक्षा तिथि तय की जाएगी।
एसके जैन प्राचार्य, पीजी काॅलेज, धौलपुर

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