जमीन नीलामी का मामला:जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल को एक माह के सिविल कारावास की सजा

धौलपुरएक वर्ष पहले
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राकेश कुमार जायसवाल। - Dainik Bhaskar
राकेश कुमार जायसवाल।

भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में बीकानेर की सिविल न्यायालय संख्या दो के पीठासीन अधिकारी हुक्मीचंद गहनोलिया ने कोर्ट की अवमानना करने पर धौलपुर कलेक्टर व बीकानेर में तत्कालीन यूआईटी सचिव राकेश कुमार जायसवाल और अध्यक्ष महावीर रांका को दोषी माना है। साथ ही दोनों को एक माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने 13 सितंबर 2017 को बीकानेर के गंगाशहर में नोखा रोड पर व्यापार नगर योजना की जमीन विवाद से जुड़े मघाराम उर्फ मेघराज आदि बनाम यूआईटी मामले में अंतरिम निषेधाज्ञा, यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इस आदेश की पालना की बजाय तत्कालीन सचिव राकेश कुमार जायसवाल और अध्यक्ष रांका ने जमीन नीलामी के लिए विज्ञापन प्रकाशित करवा दिए।

इसको लेकर प्रार्थी मघाराम ने 4 अक्टूबर, 2017 को जायसवाल और रांका के खिलाफ अवमानना याचिका पेश की। कोर्ट ने 29 अक्टूबर 21 को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद राकेश कुमार जायसवाल और रांका को दोषी माना। मंगलवार को कोर्ट ने अवमानना याचिका स्वीकार कर दोनों आरोपियों को एक-एक माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई है। प्रार्थी की ओर से पैरवी अनिल आचार्य ने की। गौरतलब है कि तत्कालीन यूआईटी सचिव राकेश कुमार जायसवाल बाद में आरएएस से आईएएस में पदोन्नत हो गए।

बीकानेर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका भी दोषी
प्रार्थी मघाराम उर्फ मेघराज द्वारा 4 अक्टूबर 2017 को धौलपुर कलेक्टर व तत्कालीन यूआईटी सचिव राकेश कुमार जायसवाल और अध्यक्ष महावीर रांका के खिलाफ अवमानना प्रार्थना पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जिसमें 29 अक्टूबर 2021 को दोनों पक्षों की बहस सुनी गई।

मंगलवार को पीठासीन अधिकारी हुक्मीचंद गहनोलिया ने आदेश जारी कर मघाराम उर्फ मेघराज की ओर से प्रस्तुत अवमानना याचिका को स्वीकार किया और तत्कालीन सचिव जायसवाल व तत्कालीन अध्यक्ष रांका को एक माह के सिविल कारावास से दंडित करने का आदेश पारित किया। बता दें कि मघाराज बनाव नगर विकास न्यास का दावा आज भी पेंडिंग हैं। इस दावा का निस्तारण नहीं हुआ है।

विवादित जमीन पर गंगाशहर थाना प्रभारी थे रिसीवर, फिर भी किया गया स्टे का उल्लंघन
मामला वर्ष 2017 में एक जमीन को लेकर है। जिसमें अदालत की रोक के बावजूद तत्कालीन सचिव राकेश कुमार जायसवाल ने नीलामी के लिए विज्ञापन का प्रकाशन अखबारों में करवाया। 13 सितम्बर 2017 को मघाराम उर्फ मेघराज आदि बनाम नगर विकास न्यास आदि के प्रकरण में अदालत ने अंतरिम निषेधाज्ञा, यथास्थिति बनाए रखने के अंतरिम आदेश दिए थे।

विवादित जमीन का गंगाशहर पुलिस थाना रिसीवर है। उक्त आदेश की पालना करने के बजाय वर्तमान धौलपुर कलेक्टर व तत्कालीन यूआईटी सचिव राकेश कुमार जायसवाल और तत्कालीन अध्यक्ष महावीर रांका ने नीलामी के लिए विज्ञापन प्रकाशित करवाया था।

आगे क्या....सजा के खिलाफ अपील नहीं की तो वारंट जारी हो सकते हैं
कानून के जानकारों की मानें तो वर्तमान में धौलपुर कलेक्टर व बीकानेर के तत्कालीन यूआईटी सचिव राकेश कुमार जायसवाल को सिविल कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अपीलीय न्यायालय में अपील करके स्टे लेना पड़ेगा। इससे यह क्रियान्वति रुकेगी। अगर वे स्टे नहीं लेते हैं तो जिस न्यायालय ने सजा सुनाई है, वह इसमें वर्तमान में धौलपुर कलेक्टर व बीकानेर में तत्कालीन सचिव राकेश कुमार जायसवाल का वारंट भी जारी कर सकती है।