पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वाहन चालकों को राहत:चैकिंग के दौरान डीजी लॉकर और एम-परिवहन एप से भी अब दिखा सकेंगे दस्तावेज, शिकायतों के बाद लिया यह निर्णय

धौलपुर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

अब प्रदेश में डिजिटल आइडेंटिटी के रूप में डीजी लॉकर और एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मान्य होंगे। चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालक को भौतिक रूप से दस्तावेजों के लिए बाध्य नहीं करेगा। परिवहन विभाग द्वारा जारी यह आदेश तीन साल बाद धरातल पर उतरेगा।

इसकी सख्ती से पालना के लिए परिवहन आयुक्त व पदेन विशिष्ट शासन सचिव महेंद्र सोनी ने यह आदेश जारी किए हैं। दरअसल, परिवहन विभाग ने डिजीलॉकर के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को डिजिटल आइडेन्टिटी के रूप में दी मान्यता देकर वाहन चालकों को बड़ी राहत दी थी। फिर भी चैकिंग के दौरान प्रवर्तन अधिकारी वाहन चालकों पर दस्तावेजों के भौतिक रूप से जांच का दबाव बना रहे थे।

परिवहन आयुक्त के पास लगातार ऐसी शिकायतें आने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने डिजिटल आइडेंटिटी के रूप में डीजी लॉकर व एम-परिवहन के माध्यम से प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मानने वाले प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए हैं।

विभाग की गाइडलाइन के अनुसार यह होना था

  • आमजन की ओर से डिजीलॉकर व एम-परिवहन एप में प्रस्तुत किए गए डिजीटल चालक लाइसेंस एवं डिजीटल वाहन पंजीयन, प्रमाण पत्र मूल दस्तावेजों के समतुल्य एवं विभाग की ओर से स्मार्ट कार्ड व कागज पर जारी दस्तावेजों के सामने माने जाएंगे।
  • एम-परिवहन एप में उपलब्ध वाहन की फिटेनस, बीमा व परमिट वैधता तिथि के प्रभावी होने की स्थिति में वैधता तिथि सत्यापन के लिए इनसे संबंधित दस्तावेजों की भौतिक प्रति प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • एम-परिवहन एप में उपलब्ध वाहन की फिटनेस, बीमा व परमिट वैधता अद्यतन नहीं होने की स्थिति में लोगों की ओर से संबंधित दस्तावेजों की भौतिक प्रति प्रस्तुत करने पर भौतिक प्रति में अंकित वैधता मान्य होगी।
  • प्राधिकारियों की ओर से मोटरयान अधिनियम एवं नियम के तहत चालक लाइसेंस या पंजीयन प्रमाण पत्र को जब्त किए जाने की आवश्यकता होने की स्थिति में आदेश मान्य नहीं होंगे।

आदेश नहीं मानने वाले के खिलाफ होगी कार्रवाई : परिवहन आयुक्त
इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को विधिक रूप से मूल दस्तावेजों के समतुल्य माना गया है। प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा चैकिंग के दौरान भौतिक रूप से दस्तावेज पेश करने के लिए बाध्य करने की शिकायतें आई। इस पर सभी आरटीओ डीटीओ को प्रवर्तन अधिकारियों को पाबंद करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालना नहीं करने वाले प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र सोनी, परिवहन आयुक्त व पदेन विशिष्ट शासन सचिव

खबरें और भी हैं...