पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पानी की समस्या दूर:पहली बार राजाखेड़ा के 7 एनीकट लबालब, सूखे पड़े हैंडपंप फिर से देने लगे पानी, जलस्तर भी बढ़ा

धौलपुर5 दिन पहलेलेखक: जितेंद्र गुप्ता
  • कॉपी लिंक
पार्वती नदी पर बने एनीकट से ओवरफ्लो होकर निकलता पानी। - Dainik Bhaskar
पार्वती नदी पर बने एनीकट से ओवरफ्लो होकर निकलता पानी।
  • पूर्व वित्तमंत्री प्रद्युम्न सिंह ने घटते जलस्तर को देखते हुए अपने कार्यकाल में बनवाए थे 50 करोड़ रुपए से 7 एनीकट

मध्यप्रदेश और राजस्थान में अच्छी बारिश के कारण पार्वती नदी में आए उफान ने इस बार राजाखेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पानी की समस्या को दूर कर दिया है। पूर्व वित्तमंत्री प्रद्युम्न सिंह द्वारा राजाखेड़ा क्षेत्र में बनवाए गए सातों एनीकट पानी से लबालब हो गए हैं।

एनीकट में पानी करीब 3 से 4 फीट ऊपर चल रहा है। जिसके कारण राजाखेड़ा क्षेत्र की जमीन में पानी का तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। साथ ही करीब 350 से अधिक गांवों में लोगों को पीने के पानी के साथ ही पशुओं एवं सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल रहा है।

अधिकारियों की मानें तो सातों एनीकट में 3 से 4 फीट ऊपर पानी चलने से जमीन का जलस्तर करीब डेढ़ साल बढ़ा रहेगा। बता दें कि राजाखेड़ा क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए पूर्व वित्तमंत्री प्रद्युम्न सिंह ने दूरगामी सोच के साथ करीब 50 करोड़ रुपए लागत से पार्वती नदी पर 7 एनीकट बनवाए थे। लेकिन पूर्व में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण पार्वती नदी में पानी की आवक कम रही, जिसके कारण दो ही एनीकटों में पानी आ पाता था।

लेकिन इस बार राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांव अलीगढ़-विपरपुर, बोथपुरा, बरैठा, जसुपुरा, हथवारी, नादौली और सिकरौदा में एनीकट बनने से करीब 350 गांवों में वर्षों पुरानी पानी की समस्या दूर होने के साथ ही जमीन का जलस्तर भी बढ़ गया।

राजाखेड़ा इलाके के 350 से ज्यादा गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा, जल संकट होगा दूर

राजाखेड़ा क्षेत्र के पार्वती नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर बढ़ने से सूखे पड़े बोरिंग व हैंडपंप शुरू हो गए हैं। बोरिंग का जलस्तर भी 10 से करीब 15 फीट बढ़ गया है। विनतीपुरा सरपंच राजेश सिकरवार, विशाल सिंह, रवि सिकरवार, ओमप्रकाश शर्मा, प्रयाग सिंह, जंडेल सिंह आदि ने बताया कि राजाखेड़ा क्षेत्र में सबसे अधिक पानी की समस्या थी। लेकिन पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह द्वारा बनवाए गए 7 एनीकट से पहली बार राजाखेड़ा क्षेत्र में पानी की बड़ी समस्या दूर हुई है।

एनीकट के लबालब होने से ग्रामीणों, पशुओं और सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल रहा है। गांवों में सूखे पड़े हैंडपंपों से भी पानी आने लगा है। राजाखेड़ा क्षेत्र के सातों एनीकट के ओवरफ्लो होने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए अच्छा पानी मिल सकेगा। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता होतीलाल मीणा ने बताया कि इस बार पार्वती नदी में पानी की आवक आने से नदी पर बने सभी एनीकट लबालब हुए हैं। जिससे किसानों की इस बार अच्छी फसल का लाभ मिल सकेगा

कालीतीर लिफ्ट परियोजना शुरू होने के बाद कई इलाकों को मिलेगा शुद्ध पानी
जिले भर में पेयजल समस्या को देखते हुए विधायक रोहित वोहरा ने विधानसभा में मुद्दा उठाकर सीएम अशोक गहलोत को कालीतीर लिफ्ट परियोजना प्रोजेक्ट के बारे में बताया था। जिसके बाद सीएम ने बजट घोषणा में परियोजना को स्वीकृत दे दी थी। करीब 260 करोड़ रुपए वाले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 60 करोड़ रुपए की राशि से काम शुरू होगा।

इससे 500 से ज्यादा गांवों को फायदा मिलेगा। पानी के जल स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल भी मिलेगा। इसमें चंबल नदी का ओवरफ्लो पानी आंगई डैम में आएगा। फिर पार्वती नदी से होते हुए राजाखेड़ा तक जाएगा। इससे बाड़ी, बसेड़ी और राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों के 500 से अधिक ग्रामीण इलाकों में गिरते भूमिगत जलस्तर रुकेगा।

सिलावट में बनेगा आठवां एनीकट, टेंडर प्रक्रिया शुरू
विधायक रोहित वोहरा के प्रयास से राजाखेड़ा क्षेत्र के सिलावट गांव में 8वां एनीकट बनवाया जाएगा। जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सिलावट एनीकट करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इस एनीकट के बनने से राजस्थान का पानी यूपी में जाने से रुकेगा और राजाखेड़ा के लोगों को भरपूर पानी मिल सकेगा। इधर, अलीगढ़-विपरपुर में 1, बोथपुरा में 2, बरैठा 3, जसुपुरा 4, हथवारी 5, नादौली 6 और सिकरौदा में 7 एनीकट बने हैं।

चंबल नदी से कुछ गांवों को ही मिलता है पानी
राजाखेड़ा क्षेत्र में चंबल नदी से कुछ ही गांवों में पानी की आवक होने से ग्राम पंचायत चीलपुरा, महंदपुरा, अंडवापुरैनी, समौना सहित बसईघियाराम के कुछ गांवों में पानी का जलस्तर बढ़ता है, जबकि पार्वती नदी से राजाखेड़ा क्षेत्र के अधिकांश गांव व पुरा जुड़े हुए हैं। जिन्हें अब एनीकट में भरे पानी का लाभ मिल सकेगा। वहीं धौलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत निधेरा के गांव अजयपुरा, कैमारा सहित कई गांवों के अलावा यूपी से जुड़े गांवों को भी एनीकट में भरे पानी का लाभ मिल रहा है।

बारिश के पानी से सभी एनीकट भर गए हैं, इससे सिंचाई को पानी मिलेगा
क्षेत्र में घटते जलस्तर को देखते हुए करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से 7 एनीकट बनवाए थे। मुझे खुशी है कि इस बार अच्छी बारिश होने से आंगई डैम के पहली बार 19 गेट खोले गए। जिससे क्षेत्र में बने सभी एनीकट पानी से भर गए हैं। इससे गांवों में सूखे बड़े हैंडपंप और बोरिंग का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों को पीने के साथ ही पशुओं और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
-प्रद्युम्न सिंह, अध्यक्ष, राजस्थान वित्त आयोग

खबरें और भी हैं...