पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आरोपी महिला का कबूलनामा:बेरहम ताई; बेटे को बनाना चाहती थी संपत्ति का वारिस, इसलिए 2 साल के भतीजे को गर्म चाकुओं से गोदकर मारा था, गिरफ्तार

धौलपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शक न हो इसलिए पूरे परिवार के साथ रात भर भावेश काे ढूंढ़ती रही। अगले दिन शव को झाड़ियों में फेंक दिया - Dainik Bhaskar
शक न हो इसलिए पूरे परिवार के साथ रात भर भावेश काे ढूंढ़ती रही। अगले दिन शव को झाड़ियों में फेंक दिया
  • भतीजे को गला दबाकर मारा, कपड़े से बांध चाकू से गोदा

कौलारी थाना क्षेत्र के रंजीतपुरा गांव में 30 सितंबर को घर से गायब हुए दो वर्षीय बालक भावेश की हत्या का मामला पुलिस ने 14 दिन बाद सुलझा लिया है। बालक की ताई ही हत्या की आरोपी निकली है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसने पूछताछ में वारदात भी कबूल कर ली है। अब तक की जांच से पता चला है कि वह अपने बेटे को संयुक्त परिवार की संपत्ति का इकलौता वारिस बनाना चाहती थी।

इसीलिए उसने खेलने के बहाने घर से बाहर निकले 2 वर्षीय भतीजे भावेश को घर में लाकर पहले गला दबाकर मारा। रात भर लाश को कपड़े में बांधकर घर में रखा। फिर गर्म चाकुओं से उसके शरीर को पेट, गुप्तांग और गुदा द्वार पर गोदा। इसके बाद मौका पाकर उसका शव पास ही गंदे नाले के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।

ऐसे खुला मामला: जिस जगह बच्चे का शव मिला, उसी जगह मंजू (ताई) का घर, सख्ती से पूछताछ की तो स्वीकारा- मैंने ही मारा

थाना प्रभारी कृपाल सिंह ने बताया कि जिस जगह पर झाड़ियों में बालक भावेश का शव मिला, उसी जगह महिला मंजू का भी घर है। दिन में परिवार वाले कई बार उस जगह पर मृतक भावेश को तलाश चुके थे। लेकिन, शाम तक वहां कोई शव नहीं था। फिर जब शाम को अचानक वहां भावेश की लाश मिली, तब ही हमें शक हो गया था कि इसकी हत्या में किसी घर वाले का ही हाथ है।

इसलिए पुलिस टीम ने मंजू और उसके परिवार वालों पर कड़ाई से नजर रखी। उनकी हर एक्टिविटी को वॉच किया। शक पुख्ता होने पर मंजू को पकड़कर जब सख्ती से पूछताछ की तो वह बहुत जल्दी ही टूट गई। फिर उसने सारी वारदात कबूल कर ली।

संयुक्त जमीन बेचने को लेकर पहले भी हो चुका है विवाद: पुलिस के मुताबिक रंजीतपुरा गांव के रहने वाले सुरेश चंद, होतम सिंह और रूप सिंह त्यागी तीनों सगे भाई हैं। होतम सिंह के कोई बेटा नहीं हैं, केवल पुत्री हैं जिनकी शादी हो चुकी है। रूपसिंह त्यागी के 3 पुत्र हैं। लेकिन, इनमें से एक बेटे चंद्रभान की ही शादी हुई है। बाकी दो उम्रदराज बेटे अविवाहित हैं।

चंद्रभान के इकलौता बेटा राजकुमार है। सबसे छोटे भाई सुरेश चंद त्यागी के भी एक ही बेटा मनीष और 3 पुत्री हैं। मनीष के पास भी मृतक 2 वर्षीय भावेश इकलौता बेटा था। इसीलिए मंजू अपने बेटे को संपत्ति का वारिस बनाना चाहती थी। जांच से पता चला है कि करीब 14 साल पहले भी संयुक्त संपत्ति की जमीन बेचने को लेकर इस परिवार के लोगों में झगड़ा हुआ था।

तब रूप सिंह के लड़कों ने अपने पिता, चाचा और ताऊ के शामिल खाते से करीब 2 बीघा जमीन बेची थी। जिसे सुरेश चंद त्यागी ने खरीदा था। लेकिन, करीब 1 साल पहले रूप सिंह त्यागी के लड़के चंद्रभान, केदार और सुरेंद्र ने बेची गई जमीन को वापस लेने के लिए चाचा सुरेश चंद से झगड़ा किया था। बाद में समाज के लोगों और रिश्तेदारों ने समझाइश कर मामला रफा-दफा करा दिया था।

खबरें और भी हैं...