चंबल उतार पर, अब 1.20 मीटर कम हुआ पानी:100 से ज्यादा गांव-ढाणियां अभी भी बाढ़ में घिरी हैं, ग्रामीणों ने बीहड़ों में बनाए आशियाने

धौलपुर/सरमथुरा/सैपऊ/बाड़ी/ राजाखेड़ा5 महीने पहले
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धौलपुर. लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते एसडीआरएफ के जवान। - Dainik Bhaskar
धौलपुर. लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते एसडीआरएफ के जवान।
  • अभी भी खतरे के निशान से 13 मीटर ऊपर बह रही चंबल
  • पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने से कोटा बैराज के अधिकांश गेट बंद

पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने और कोटा बैराज के अधिकांश गेट बंद होने से करीब 5 दिन बाद अब चंबल का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। नदी में पानी का गेज 144.70 मीटर तक पहुंचने के बाद गुरुवार को 1.20 मीटर उतरकर 143.50 पर आ गया।

बुधवार को आशंका जताई जा रही थी कि कोटा बैराज से 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद चंबल में पानी बढ़ने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में खतरा और बढ़ेगा। लेकिन, कोटा बैराज का पानी देर शाम पहुंचने के बाद भी जलस्तर कई घंटों तक 143.50 मीटर पर स्थिर रहा। इसके बावजूद यह खतरे के निशान से करीब 13 मीटर ऊपर बह रही थी। पुराना पुल गुरुवार रात तक भी डूबा रहा। जिला प्रशासन के मुताबिक कोटा बैराज के दो गेटों से करीब 800 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी।

इधर, धौलपुर जिले में 100 से अधिक गांव और ढाणियां अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। घरों में पानी घुुसने के कारण ग्रामीणों ने गांव छोड़कर बीहड़ों में तिरपाल लगाकर अस्थाई अशियाने बनाए लिए हैं। वे गांवों-ढाणियों में पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।

दूसरी ओर आशंका जताई जा रही है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी निकलने के बाद कचरा, गंदगी और मच्छर बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इससे बीमारियां फैलने की आशंका है। हालांकि जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने कहा कि 2-3 दिन में बाढ़ का पानी कम होने पर विशेष सफाई व्यवस्था कराई जाएगी। चिकित्सा विभाग की टीमें इन इलाकों में भेजी जाएंगी। ताकि बीमारों को समय पर उचित इलाज मिल सके।

बाढ़ के बाद कचरा, गंदगी और मच्छर बने लोगों के लिए चुनौती
बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी निकलने के बाद ग्रामीणों को कचरा, गंदगी और मच्छर ग्रामीणों के लिए चुनौती बन सकती है। क्योंकि गांवों से जब पानी निकलेगा तो मकानों के अंदर और सड़कों पर कचरा और गंदगी चारों तरफ होगी। गंदगी से मच्छरों के पनपे के साथ ही बीमारियां फैलने की भी संभावना बनी रहेगी। हालांकि जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि दो-तीन दिन में बाढ़ का पानी कम होने पर सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही चिकित्सा विभाग की कई टीमें बनाकर ग्रामीण इलाकों में भेजी जाएगी।

धौलपुर. अंधियारी गांव में चम्बल का पानी भरने से पहाड़ियों पर बनाया आशियाना।
धौलपुर. अंधियारी गांव में चम्बल का पानी भरने से पहाड़ियों पर बनाया आशियाना।

डीएसटी और एसडीआरएफ ने बाढ़ में जूझते 155 पीड़ितों की बचाई जान: एके 47 और आधुनिक हथियारों को लेकर बीहड़ों में बदमाशों पर खौफ बनाने वाले डीएसटी और क्यूआरटी के जवानों ने चंबल में आई बाढ़ से संकट की घड़ी में मालखाने में हथियार जमा करवाकर करीब 155 लोगों को बचाया।

दो दिन में डीएसटी ने 84 और जी कंपनी बीकानेर की एसडीआरएफ टीम ने 71 फंसे लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया। धौलपुर पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा चलाए रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 155 लोगों को बचाया गया। जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। एसपी केसर सिंह शेखावत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पुलिस कर्मियों ने बाढ़ पीड़ितों के परिवारों की जिंदगी बचाने के प्रयासों में अग्रिम पंक्ति में नजर आए हैं।

जिला प्रशासन ने चलाए राहत कार्यः इधर, जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य शुरू किए गए हैं। कलेक्टर राकेश जायसवाल के निर्देश में अस्थाई कैंपों में रह रहे प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, दवाइयों आदि के इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों की टीमें हालात पर निगरानी रखे हुए हैं।

प्रभारी मंत्री ने दिलाया मदद का भरोसाः प्रभारी मंत्री भजनलाल जाटव ने गुरुवार को राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा, बसेड़ी विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा, जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल और एसपी केसर सिंह शेखावत के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।

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