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  • On The First Day, More Than 500 Small And Big Idols Worth Rs 6 Lakh Were Sold, Installation Of Clay Idols Instead Of POPs, Pandals Were Set Up At More Than 50 Places.

नवरात्रा में मूर्ति कारोबार बढ़ा:पहले दिन 6 लाख रुपए की 500 से अधिक छोटी और बड़ी मूर्तियों की ब्रिकी,पीओपी की जगह मिट्टी की मूर्तियों की स्थापना,50 से अधिक पांडाल लगे

धौलपुर21 दिन पहले
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नवरात्रा पर माता की मूर्तियों की ब्रिकी। - Dainik Bhaskar
नवरात्रा पर माता की मूर्तियों की ब्रिकी।

शारदीय नवरात्र के पहले दिन शहर भर में 50 से अधिक जगह पांडाल लगाकर पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम हुए। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के चलते 2 सालों से जिले में सभी तरह के धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी थी। अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई लिखित आदेश नहीं आने पर पांडाल लगाए गए हैं।

मां की प्रतिमा के लिए 40 से अधिक दुकान
शहर में दुर्गा मां की प्रतिमा के लिए 40 से अधिक दुकान लगाई गई हैं। आज सुबह तक 6 लाख की मूर्तियों को बेचा गया हैं। मूर्ति विक्रेता संतोष कुमार ने बताया कि कोरोना में मूर्ति का कारोबार पूरी तरह से ठप्प हो गया था। इस साल अभी तक तकरीबन 6 लाख रुपए की 500 से अधिक छोटी और बड़ी मूर्तियों को बेचा जा चुका है। शहर में पीओपी की जगह मिट्टी की मूर्ति रहने के लिए लोगों में होड़ मची रही।
गुरुवार सुबह तक मिट्टी की सभी मूर्ति बेचे जाने के बाद मूर्ति विक्रेताओं ने पीओपी की मूर्तियों को बेचना शुरू कर दिया हैं। मूर्ति विक्रेता राजकुमार ने बताया कि इस साल ग्राहकी की उम्मीद नहीं थी। जिस वजह से मिट्टी का माल कम बनाया गया था। उम्मीद से अधिक बिक्री होने की वजह से मिट्टी की प्रतिमा अच्छे दामों पर बेची गई है जबकि पीओपी की प्रतिमा कम दामों पर बेची जा रही है।

मां रैहना वाली के पट रहेंगे बंद
इस साल भी रावण दहन नहीं होगा। एक और जहां घर-घर में माता की प्रतिमा स्थापित की जा रही है वहीं दूसरी ओर कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते धौलपुर की प्रसिद्ध माता रैहना वाली मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए बंद रहेंगे। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु घर के साथ मोहल्लों में बनाए गए पांडाल में माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

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