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मचकुंड में रोका तो छितरीया ताल पर पहुंचे श्रद्धालु:दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने की पूजा-अर्चना,तीर्थराज में डुबकी ना लगा पाने का अफसोस,मेला भरने पर रोक के है आदेश

धौलपुर9 दिन पहले
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छितरिया ताल पर स्नान करते श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
छितरिया ताल पर स्नान करते श्रद्धालु।

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचने के लिए बंद कमरों में कागजों पर साइन कर आदेश तो निकाल दिए जाते हैं लेकिन धरातल पर स्थिति भयावह नजर आती है। कलेक्टर ने धौलपुर जिले में मेलों और धार्मिक आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। जिले में भी ऋषि पंचमी और देव छठ के मौके पर तीर्थराज मचकुंड पर लगने वाले 2 दिन के लक्खी मेले पर भी रोक लगाने के आदेश जारी किए। इसके बावजूद श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

मेले का आज दूसरा दिन था। सुबह के समय श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर पूजा-अर्चना की। दोपहर के समय पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई। मचकुंड सरोवर के चारों पुलिस बल तैनात रहा। भक्तों को तीर्थराज में डुबकी ना लगा पाने का अफसोस हुआ। उन्होंने मचकुंड पास ही स्थित छितरीया ताल को मचकुंड मानकर मेला लगा दिया। ताल को सरोवर की संज्ञा देते हुए दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने पूरे विधि-विधान से ताल की पूजा-अर्चना शुरू कर दी।

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